उत्तरकाशी के तांबाखानी सूरगं पर डंप कूड़ा प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को लग रहा पलीता।
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रिपोर्टर – अरविन्द थपलियाल
उत्तरकाशी : भागीरथी के तट पर कूड़े व कचरे का ढेर प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन और नमामी गंगे अभियान की धज्या उडा़ रहा है। उत्तरकाशी नगर पालिका का की सत्ता चाहे कांग्रेस के हाथ में हो लेकिन प्रशासन भी मौन धारण किए हुए है।
जहां एक ओर उत्तरकाशी में एक तरफ गंगा भागीरथी और गंगा घाटों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाता है, वहीँ दूसरी ओर तांबाखानी सूरगं पर रखा कूड़ा करकट बदबू फैला रहा और सारा कूड़ा करकट भागीरथी में प्रवाह हो रहा है। अब ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब उसी शहर में स्वच्छ भारत मिशन का ढोल पीटा जा रहा है और सरकारी खजाने को भी चपत लगाई जा रही है व उसी शहर के ऐतिहासिक स्थान तांबाखानी सूरगं के पास कूड़ा करकट शहर में गंदगी फैला रहा है और भागीरथी में प्रवाह हो रहा है।
बता दें कि अब अगले माह चारधाम यात्रा का भी आगाज होगा और देश व विदेश से यात्री गंगोत्री धाम पहुंचेंगे तो क्या यह संदेश होगा कि काशी की नगरी को हमारे सरकारी सिस्टम ने कचरे की नगरी बना दिया, यह सवाल हर उस सामाजिक चितंक व आम आदमी के जहन में है जो सरकार से सवाल पुच्छने पर विवस है लेकिन जवाब देने वालों की संख्या सिर्फ राजनैतिक बयानबाजी है।
नगर पालिका अध्यक्ष चाहे किसी भी पार्टी के हैं लेकिन सरकार राज्य में भाजपा कि है और मिशन स्वच्छता भी, तो आखिर क्यों नहीं दिखता सरकार के भाजपा विधायक को यह सब और यह सवाल उठाना भी गलत नहीं होगा कि आखिर जिले के बडे़ अधिकारी व विधायक व अन्य जवाबदार लोग क्यों करा रहे प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान की फजिहत।

सामाजिक कार्यकर्ता अमिरीकन पूरी लगातार तांबाखानी में बने कुडे़ के डंपिग जोन को लेकर सरकार और पालिका व सरकारी सिस्टम पर सवाल दाग रहे हैं लेकिन नतीजा कुछ भी निकलकर सामने नहीं आ रहा है।
क्या उत्तराखडं के शहरी विकास मंत्री को उत्तरकाशी की खबर नहीं है क्या उत्तराखडं सरकार चारधाम व्यवस्था के लिये चिंतित नहीं है यदि है तो उत्तरकाशी के तांबाखानी से वर्षों बाद क्यों नहीं यह कुडा़ उठाया जा रहा महत्वपूर्ण सवाल है।
