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September 14, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

चारधाम कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू, जानिए सभी धामों की तिथियाँ…

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भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को होंगे बंद, केदारनाथ, मद्महेश्वर और तुंगनाथ धामों की शीतकालीन यात्रा तिथियाँ भी घोषित


उत्तराखंड स्थित चारधामों में से एक प्रमुख धाम श्री बदरीनाथ जी के कपाट इस वर्ष मंगलवार, 25 नवंबर 2025 को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल हेतु विधिवत रूप से बंद कर दिए जाएंगे। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालु भगवान विष्णु के इस दिव्य धाम के दर्शन हेतु उमड़े हैं। कपाट बंद होने के बाद भगवान बदरीविशाल की पूजा-पाठ शीतकालीन गद्दी स्थल जोशीमठ (नरसिंह मंदिर) में संपन्न की जाएगी।

इसके साथ ही श्री केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर 2025 को शीतकाल के लिए बंद होंगे। पंच केदारों में शामिल द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर के कपाट 18 नवंबर और तृतीय केदार श्री तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को बंद किए जाएंगे। इन धामों के कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा का आधिकारिक समापन हो जाएगा।

शीतकाल के दौरान जब हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं, तब भगवानों की पूजा और दर्शन की परंपरा गद्दी स्थलों में जारी रहती है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था का क्रम बना रहता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, बदरीनाथ धाम को “भू- बैकुंठ” कहा जाता है, क्योंकि यह भगवान विष्णु का वही धाम माना जाता है जो पृथ्वी पर स्थित है। इसी प्रकार श्री केदारनाथ शिव जी का बारह ज्योतिर्लिंगों में एक और अत्यंत पवित्र धाम है।

चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड सरकार, तीर्थ पुरोहित, और मंदिर समिति लगातार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रयासरत हैं। यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील भी की गई है।

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