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August 3, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

उत्तरकाशी में स्वास्थ्य सुविधायें बदहाल गर्भवती महिला ने तोडा़ दम, कैसे मनायेगी सरकार राज्य स्थपना दिवस।

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अरविन्द थपलियाल

उत्तरकाशी : उत्तराखंड में राज्य सरकार राज्य स्थापना दिवस मनाने को उत्सुक है तो राज्य की दम तोड़ती बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं में किस मुहं से यह आयोजन करेगी मामला उत्तरकाशी जिले के तहसील मोरी अंतर्गत ग्राम देवती, पोस्ट ऑफिस ठडियार में एक गर्भवती महिला किरण धर्मपत्नी अनिल ने समय पर ईलाज न मिलने का कारण आधे रास्ते में दम तोड़ दिया। ग्राम देवती मोटर मार्ग से लगभग 8 किमी दूर है और दो दिन पूर्व अचानक प्रसव पीड़ा होने के कारण ग्रामीण महिला को डंडों के सहारे कंधों पर उठाकर हनोल लाये।

हनोल से 108 के माध्यम से त्यूनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए लेकिन वहां भी उचित सुविधा होने के चलते महिला को हिमाचल के रोहड़ू रेफर किया गया। स्थिति ज्यादा बिगड़ती गई और रोहड़ू से भी महिला को शिमला के लिए ट्रांसफर किया गया। शिमला जाते हुये महिला ने लंबे संघर्ष के बाद दम तोड़ दिया।

बंगाण क्षेत्र में आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां स्कूल, कॉलेज, अस्पताल तो छोड़ो बिजली, पानी, सड़क तक ठीक से नहीं है। हालांकि पर्वत में यह असुविधा विकराल रूप में देखने को मिलती है लेकिन बंगाण में देवती गांव ऐसे ही वंचित गांवों में से एक है। जबकि यहां से राजनीति में बड़े बड़े लोग रहे हैं तथा ठडियार एक धार्मिक तीर्थस्थल भी है।

शायद दुर्भाग्य भी यही है कि जनप्रतिनिधि जनता के प्रति या जनसुविधा के प्रति सचेत रहने की बजाय बजीर, सयाणे, ठेकेदारों तक सीमित होकर रह गये जिन्होंने कभी व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर कुछ नहीं सोचा उन्हें क्या फर्क पड़ता है कि कौन जीये, मरे। लेकिन अफसोस होता है जब जिम्मेदार लोगों की अनदेखी के चलते किसी का परिवार उजड़ जाता है।

यह कोई पहली घटना नहीं है बल्कि हर साल न जाने कितनी जाने इस अव्यवस्था की भेंट चढ़ जाती है। जनता को खासकर युवाओं को चाहिए कि मिलकर नेताओं पर दबाव पर दबाव बनाए और वोट देते समय उल जलूल विषय छोड़कर जनता के मुद्दों पर बात हों और जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि जहां भी सड़क सुविधाओं से लोग वंचित हैं वहां सरकार पर दबाव बनाकर उनकी जनहित के कार्य करवाये जाएं।
इस घटना की विस्तृत जानकारी आरपी विशाल नाम एक फेसबुक पेज से प्राप्त हुई लेकिन जितनी आलोचना की जाये कम है आज 21वीं सदी के भारत में यदि ऐसी दशा है तो बडा़ निदनीय मामला हैं।

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