कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने किया जॉर्ज एवेरेस्ट हाउस एवं वैधशाला का लोकार्पण, लेकिन हाउस तक पहुंचने वाला आधा मार्ग अभी भी क्षतिग्रस्त।
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मसूरी : जार्ज एवरेस्ट पर्यटक स्थल को 23 करोड़ 69लाख 47 हजार 637 रूपये की लागत से विकसित करने के बाद प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने जार्ज एवरेस्ट आवास एवं वैधशाला का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह मसूरी के लिए गर्व की बात है जहां पर विश्व विख्यात सर्वेयर जनरल सर जार्ज एवरेस्ट की याद को ताजा रखने के लिए विश्व स्तरीय पर्यटक स्थल बनाया गया है।

लोकार्पण करने के बाद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सर जार्ज एवरेस्ट हाउस व 50 मीटर की दूरी पर स्थित वैध शाला का जीर्णोद्धार का कार्य 2019 में शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन संरचना विकास निवेश कार्यक्रम के तहत ऐशियन डेवलपमेंट बैंक की ओर से वित्त पोषित योजना बनाकर इसका सौदर्यीकरण किया गया। जिसमें जार्ज एवरेस्ट हाउस नवीनीकरण, वेधशाला का नवीनीकरण आउट हाउस और बेचलर रूम का नवीनीकरण, एप्रोच रोड का निर्माण, ट्रैक रूट का निर्माण, ओपन थियेटर का निर्माण, सहित तीन मोबाइल शौचालय व पांच फूड वैन के निर्माण के साथ ही एक टूरिस्ट बस की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंनेे कहा कि ब्रिटिश काल में सर जार्ज एवरेस्ट ने अदभुत कार्य किया गया जिस पर सबसे उंची चोटी का नाम सर जार्ज एवरेस्ट के नाम पर रखी गई वहीं अन्य चोटियों को स्थानीय देवी देवताओं के नाम पर रखा गया। इस मौके पर प. नैन सिहं रावत का नाम भी लिया जाना जरूरी है जिन्होंने ल्हासा तक अपने पैरों से नापा जिनकी उपलब्धि पर गूगल ने डूडल भी बनाया। उन्होंने इस मौके पर इतिहास कार गोपाल भारद्वाज की सराहना की जिन्होने इस कार्य के लिए प्रेरित किया। अब शीघ्र यहां पर शीशे के टेटं बनाये जायेगंे ताकि रात में लोग स्टार गेजिंग कर सकें। तथा यहां पर सर जार्ज एवरेस्ट से जुडी वस्तुए का संकलन सर्वे विभाग के सहयोग से कर म्युजियम भी बनाया जा रहा है। सरकार शीत काल पर्यटन को बढावा देने का प्रयास कर रही हैै। यहां पर पर्यटकों के सुविधा के लिए सभी प्रकार के साधन जुटाए गए हैं पर्यटन मंत्री ने कहा कि मसूरी सहित प्रदेश के सभी अविकसित पर्यटक स्थलों को विकसित किया जाएगा और पर्यटकों को नये पर्यटक स्थलों से रूबरू कराया जाएगा।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में सर जॉर्ज एवरेस्ट हाउस मील का पत्थर साबित होगा और पर्यटन विभाग द्वारा इस ऐतिहासिक धरोहर को संजोने का कार्य किया गया है और यहां पर देश-विदेश के पर्यटक आकर सर जॉर्ज एवरेस्ट द्वारा बसाए गए इस आवास और वेदशाला मैं आकर उनके द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी लेंगे। कार्यक्रम में इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने कहा कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सर जार्ज एवरेस्ट का सौदर्यीकरण कर उनके सपने को साकार किया है जिसके लिए उनका विशेष आभार।इस मौके पर उन्होंने उनसे जुंड़े कई बातो को बताया व उनके परिजनों से हुई बातों का भी जिक्र किया।
इस अवसर पर उपव निदेशक पर्यटन विकास आरके तिवारी ने बताया कि सर जॉर्ज एवरेस्ट आवास एवं वेधशाला को पर्यटन विभाग पीपीपी मोड पर देने की तैयारी कर रहा है और यहां पर पार्किंग के साथ ही मोबाइल टॉयलेट फूड वैन आदि की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान, उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर, सचिव संजय अ्रग्रवाल आदि मौजूद रहे।
सर जार्ज एवरेस्ट सौंदर्यीकरण लोकार्पण के मौके पर स्थानीय प्रशासन व शहर के राजनीतिक व सामाजिक लोगों को आमंत्रण न देने के कारण खासा आक्रोश भी देखने को मिला और पर्यटन मंत्री के सामने ही स्थानीय लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज की। इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने पर्यटन मंत्री के सामने आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन के साथ ही शहर के गणमान्य लोगों व सामाजिक व राजनीतिक लोगों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि शहर के गणमान्य लोगों को भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाना चाहिए था साथ ही स्थानीय जनता को भी इसके लोकार्पण की जानकारी देनी चाहिए थी ताकि शहर के लोग यहां आकर यहां आने वाले पर्यटकों को सर जॉर्ज एवरेस्ट के बारे में जानकारी देते।
सर जार्ज एवरेस्ट पर्यटक स्थल का आधा अधूरा कार्य होने पर लोकार्पण किया गया जबकि अभी बहुत कार्य होने हैं जिसमें मुख्यतहः सर जार्ज एवरेस्ट के प्रयोग किए गये उपकरणों सहित अन्य ऐतिहासिक वस्तुओं का संग्रहालय बनाया जाना है जो कि इस योजना के अर्तगत था।
भले ही सर जार्ज एवरेस्ट जाने का मार्ग बहुत सुंदर बनाया गया है लेकिन वहां पहुचने से पहले हाथी पावं से करीब आधा किमी का मुख्य मार्ग अत्यंत खराब है जहां पैदल चलना तो मुश्किल पर वाहन चलाना भी किसी जोखिम से कम नहीं है ऐसे में जब तक मार्ग नहीं बन पाता पर्यटक जार्ज एवरेस्ट कैसे पहुंचेगा।
