चुनावी वादों में थमती जिंदगीयां, सरकारी वादों की खानापुर्ति।
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अरविन्द थपलियाल
यमुनोत्री/उत्तरकाशी : उत्तराखंड राज्य में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं और नेताओं के वादों और दावो में चुनावी मुद्दे गायब हैं। मामला जनपद उत्तरकाशी के यमुनोत्री विधानसभा का है जहां तहसील बड़कोट क्षेत्र के चपटाडी़ गांव के लोगों की जिंदगीयां रस्सी को सारे चल रही है।

यमुनोत्री विधानसभा का चपटाडी़ गांव पट्टी ठकराल के अंतर्गत आतें हैं और ठकराल के पांच गाव अभी मूलभूत विकास से कोसों दूर है। विधानसभा यमुनोत्री के चपटाडी़ की महिलायें अभी रस्सीयों के भरोसे चल रही है। बतादें कि दसकों पहले चपटाडी़ गांव में आई आपदा ने जहां तहसनहस कर दिया और अभी तक दो सौ मीटर गहरे नाले में अभीतक पुल नहीं लग पाया जहां लोगों का जीवन अब रस्सीयों के भरोसे है। चपटाडी़ के ग्रामीण बतातें हैं कि वर्षात में यहां पशुओं का पालन पोषण करना और कास्तकारी करनी किसी खतरे से कम नहीं है। ग्रामीण हरदेव सिहं बतातें हैं कि दो साल पहले यहां विधायक केदार ने एक ट्राली लगवायी जिससे लोग अब पशुओं का चारा सहित सामान का आदानप्रदान करने में भारी मुस्किल का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जीवन सिंह, चैन दास, रामचंद्र, हरदेव सिहं ने बताया कि चपटाडी़ के इस नाले पर झुला पुल भी लग जाये तो लोगों राहत मिल सकती है और जानमाल की हानी को रोका जा सकता है।
