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October 9, 2026

घराट

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पूर्व सैनिकों को शामिल करके यूकेडी बढ़ा रही कुनबा, आगामी चुनाव में निभाएंगे कमांडो की भूमिका

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उत्तराखंड क्रांति दल आगामी विधानसभा को लेकर बड़ी तादाद में पूर्व सैनिकों को सदस्य बना रही है.

देहरादून: क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गया है. चुनावी मैदान में पूरे दमखम के साथ उतरने के लिए यूकेडी पूर्व सैनिकों साधने में लग गई है और सदस्यता अभियान के जरिये अपने कुनबे मे शामिल कर रही है. दल का दावा है कि हाल के दिनों में कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक के लगभग 14 से 15 सेवानिवृत सैन्य अधिकारी और भारी संख्या में पूर्व सैनिक यूकेडी के संपर्क में आए हैं और दल से लगातार जुड़ रहे हैं. उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती का कहना है कि पूर्व सैनिक उत्तराखंड क्रांति दल के साथ मिलकर लामबंद हो रहे हैं, जिसके बाद इन्होंने अब दल को भी समर्पण भाव व अनुशासन मे रहने का पाठ पढ़ा दिया है.

केंद्रीय सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महिपाल सिंह पुंडीर का कहना है कि पारंपरिक रूप से पूर्व सैनिक राजनीति में आने से कतराते थे, लेकिन उत्तराखंड की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब वह प्रदेश के नवनिर्वाण के लिए आगे आ रहे हैं. दरअसल उत्तराखंड एक सैनिक बाहुल्य है, जहां लगभग हर घर और मोहल्ले में कोई ना कोई सेवा में अपनी सेवाएं दे रहा है. दल का कहना है कि यूकेडी के बैनर तले पूर्व सैनिक आने वाले चुनाव में कमांडो की भूमिका निभाने जा रहे हैं.

इधर उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती का कहना है कि उत्तराखंड क्रांति दल का जन्म 25 जुलाई 1979 को नैनीताल में हुआ था, तब से लेकर अब तक दल जल, जंगल, जमीन, पलायन बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों की लड़ाई लड़ रहा है. इसी पीड़ा को लेकर काफी संख्या में पूर्व सैनिकों ने दल का दामन थामा है. जब समान विचारधारा आपस में मिलती हैं तो निश्चित रूप से उस पीड़ा का इलाज होना आवश्यक हो जाता है. सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि उत्तराखंड राज्य को बचाने के लिए जिस तरह से भूतपूर्व सैनिक उत्तराखंड क्रांति दल के साथ मिलकर लामबंद हो रहे हैं, जिसके बाद इन्होंने अब दल को भी समर्पण भाव व अनुशासन मे रहने का पाठ पढ़ा दिया है.

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