सूर्य की धड़कने बिगाड़ेंगी अंतरिक्ष मौसम का मिजाज, उपग्रहों और हवाई उड़ानों पर भी खतरा
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सूर्य की धड़कनों में बदलाव अंतरिक्ष मौसम के लिए खतरा बन रहा है, जिससे उपग्रहों और हवाई उड़ानों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। शोध से पता चला है कि सूर्य की निचली सतह पर कंपन बढ़ रही है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स और हवाई सेवाओं को अधिक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता होगी।
HighLights
- सूर्य की धड़कनों में रहस्यमय बदलाव, अंतरिक्ष मौसम पर खतरा।
- शोध से पता चला, निचली सतह पर कंपन बढ़ी।
- सैटेलाइट, हवाई उड़ानों की सुरक्षा के लिए जतन जरूरी।
रमेश चंद्रा, नैनीताल। धरती पर मौसम का मिजाज गरमाने लगा है तो अंतरिक्ष मौसम पर खतरा मंडराने लगा है। इसकी वजह सूर्य पर हलचल का बढ़ना होगा। शोध से पता चला है कि सूर्य धड़कने अब बदलने लगी हैं, जो भविष्य में अंतरिक्ष मौसम का मिजाज खराब करेंगी, जिससे सैटेलाइट और हवाई उड़ानों की सुरक्षा का खतरा बढ़ जाएगा।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के पूर्व निदेशक व सौर विज्ञानी डॉ. वहाबउद्दीन ने बताया कि सूर्य ही वह धूरी है, जो पृथ्वी ही नहीं बल्कि समूचे सौर मंडल को संचालित करती है। जिस कारण सूर्य की प्रत्येक गतिविधि पर विज्ञानियों की पैनी नजर रहती है।
जमीन से लेकर अंतरिक्ष तक सूर्य की चौबीसों घंटे निगरानी की जाती है। नासा और इएसए का सोहो तो इसरो का आदित्य एल 1 अंतरिक्ष से सूर्य पर नजर रखता है। मगर अब जो खबर आ रही है वह सूर्य पर बढ़ती हलचल को लेकर है।
बर्मिंघम सोलर ऑसिलेशन नेटवर्क के हालिया रिसर्च से पता चला है कि सूर्य की धडकनों में बदलाव आया है। यह बदलाव साधारण न होकर रहस्यमय है।
शोध में चार दशक के आंकड़े लिए गए और पिछले करीब 40 वर्षों के अंतराल में इसकी धड़कनों को रहस्यमय तरीके से बदलते देखा गया है। जिससे भविष्य में अंतरिक्ष मौसम पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। शोध में दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लगी छः टेलीस्कोप्स की मदद ली गई।
पता चला कि इसकी निचली सतह पर कंपन बढ़ने लगी है। लिहाजा अब अंतरिक्ष मौसम से प्रभावित होने वाले इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिकल, हवाई सेवा और सैटेलाइट की सुरक्षा को लेकर अधिक जतन करने होंगे।
वर्तमान सौर चक्र में देखे गए ऐतिहासिक विस्फोट
डॉ. वहाबउद्दीन का कहना है कि यह 25 वा सौर चक्र चल रहा है। इस सौर चक्र में सूर्य पर ऐतिहासिक विस्फोट देखे गए हैं। जिनसे बेहद खतरनाक मानी जाने वाली एक्स क्लास की ज्वालाएं उत्पन्न हुई हैं और भू चुंबकीय सौर तूफानों से पृथ्वी के कई हिस्सों में ब्लैक आउट हुआ और दोनों ध्रुवों पर रंग बिरंगे ऑरोरा बड़ी संख्या में उत्पन्न हुए हैं।
