उत्तराखंड के सबसे बड़े आयकर दाता ऋषभ पंत की सीएम धामी से गुहार, घर बनाने के लिए जमीन दिला दो सरकार
1 min readऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पोस्ट से बताया कि तीन साल से वो जमीन लेने की कोशिश कर रहे हैं, अब सीएम से गुहार लगाई.
देहरादून: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज और उत्तराखंड के लाल ऋषभ पंत अब अपने गृह राज्य में अपना आशियाना बनाना चाहते हैं. पंत ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने जमीन खरीदने से जुड़ी अपनी परेशानी रखी. गौरतलब है कि ऋषभ पंत उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकर दाता हैं.
ऋषभ पंत का कहना है कि वह करीब तीन साल से उत्तराखंड में जमीन तलाश रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया की जटिलताओं और स्पष्टता की कमी के चलते अब तक उन्हें अपनी जरूरत के मुताबिक जमीन नहीं मिल पाई है. पंत की अपील के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जवाब देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने और पंत को नियमानुसार हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है.
तीन साल से जमीन की तलाश, अब सीएम से लगाई गुहार: ऋषभ पंत ने शुक्रवार रात करीब 12:46 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करने की कोशिश कर रहे हैं. उत्तराखंड से अपने लगाव का जिक्र करते हुए पंत ने कहा कि वह अपने राज्य में वापस आकर रहना चाहते हैं. लेकिन रहने के लिहाज से उनकी जरूरत के मुताबिक अच्छी और बड़ी जमीन नहीं मिल पा रही है. पंत ने मुख्यमंत्री से जमीन खरीदने की प्रक्रिया में सहयोग करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने की प्रक्रिया में स्पष्टता को लेकर काफी दिक्कतें सामने आ रही हैं. तीन साल से प्रयास करने के बावजूद अब तक जमीन नहीं मिल पाई है.
उत्तराखंड में घर बनाने की इच्छा: ऋषभ पंत ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि उन्होंने उत्तराखंड को देश-दुनिया में बढ़ावा देने के लिए काम किया है. अब वह अपने पहाड़ी लोगों के बीच लौटकर राज्य के लिए कुछ करना चाहते हैं. उनका कहना है कि वह उत्तराखंड में रहकर राज्य के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं. इसी मकसद से उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत तौर पर मामले को देखने की अपील की है.
सरकार जमीन दे तो सम्मान की बात, नहीं तो तय रेट पर खरीदना चाहता हूं: ऋषभ पंत ने एक अन्य पोस्ट में जमीन को लेकर अपनी इच्छा और स्पष्ट कर दी. उन्होंने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए सरकार की ओर से उन्हें जमीन उपहार में मिलती है, तो यह उनके लिए सम्मान की बात होगी. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह सरकार से तय सरकारी दर पर जमीन खरीदने के इच्छुक हैं.
पंत ने कहा कि कम से कम इससे वह अपने राज्य उत्तराखंड में अपना पहला घर बना सकेंगे. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का तरीका समझ नहीं आ रहा है और इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री से मदद मांगी है.
सीएम धामी ने दिया जवाब, अधिकारियों को निर्देश: ऋषभ पंत की अपील पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी जवाब सामने आया है. मुख्यमंत्री ने पंत को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों के जरिए देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है. सीएम ने उत्तराखंड लौटकर योगदान देने की पंत की भावना को भी सराहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषभ पंत की ओर से उठाए गए विषय को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिकारी जल्द ही ऋषभ पंत से संपर्क करेंगे और नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे.
पंत की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा: ऋषभ पंत की दोनों पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. कुछ यूजर्स ने पंत की मांग और जमीन खरीदने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने इसे उत्तराखंड लौटने की उनकी इच्छा से जोड़कर देखा. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने यह दावा भी किया कि पोस्ट बाद में हटाई जा सकती हैं. हालांकि ऐसी अटकलों फिलहाल सीएम की पोस्ट के बाद खत्म हो गई हैं.
क्रिकेट के साथ अब घर की तलाश: क्रिकेट के मैदान पर अपनी पहचान बना चुके ऋषभ पंत के लिए उत्तराखंड में घर बनाने की यह इच्छा उनके राज्य से जुड़ाव को भी सामने लाती है. दिल्ली से उत्तराखंड अपना बेस शिफ्ट करने की उनकी कोशिश और मुख्यमंत्री से सीधे मदद मांगना अब चर्चा का विषय बन गया है. खास बात यह है कि पंत की अपील के बाद मुख्यमंत्री की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया आई है और अधिकारियों को मामले में आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
ऋषभ पंत उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकर दाता हैं: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए उत्तराखंड के सबसे बड़े व्यक्तिगत आयकरदाता यानी Highest Individual Taxpayer बने हैं. उन्होंने इस दौरान कुल 23.84 करोड़ रुपये का आयकर चुकाया है. पिछले महीने 25 जुलाई को देहरादून में आयकर दिवस समारोह में आयकर दिवस समारोह पर उन्हें सम्मानित भी किया गया था.
