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October 9, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

उत्तराखंड में बारिश का कहर, उफान पर अलकनंदा, शिव मूर्ति डूबने के करीब, सिरोबगड़ में लैंडस्लाइड से चारधाम यात्रा प्रभावित

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पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, रुद्रप्रयाग में शिव मूर्ति डूबने के करीब है

रुद्रप्रयाग: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जन-जीवन अस्तव्यस्त कर दिया है. नदियां उफान पर हैं. अलकनंदा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ ही उसका रौद्र रूप लोगों में चिंता का कारण बन गया है. हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रुद्रप्रयाग के बेलनी पुल के नीचे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा छाती तक उफनती जलधारा में समा गई है. प्रतिमा के चारों ओर तेज वेग से बहता पानी मानसून की भयावह की तस्वीर बयां कर रहा है. सिरोबगड़ में लैंडस्लाइड से चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है.

भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त: पिछले 24 घंटों से जारी वर्षा के कारण अलकनंदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी अपने सामान्य बहाव से कहीं अधिक वेग के साथ बह रही है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. नदी के किनारों पर कटाव का खतरा भी बढ़ने लगा है, जबकि तेज बहाव के कारण घाटों और निचले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है.

उफान पर है अलकनंदा: स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया है. सभी टीमें लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं. जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि-

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जनपद में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इसे देखते हुए प्रशासन पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है. स्थानीय नागरिकों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से नदी, नालों और गधेरों के समीप नहीं जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
-विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग-

नदी किनारे वीडियो बनाना और सेल्फी लेना हो सकता है जानलेवा: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तेज बहाव के दौरान नदी किनारे जाना, वीडियो बनाना या सेल्फी लेने का प्रयास करना जानलेवा साबित हो सकता है. लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. यदि कहीं भी खतरे जैसी स्थिति दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या आपदा नियंत्रण कक्ष को दें.

बदरीनाथ हाईवे पर फिर संकट, सिरोबगड़ में मलबे का कहर: मूसलाधार बारिश के बीच श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के मध्य स्थित सिरोबगड़ स्लाइड जोन ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है. पहाड़ी से लगातार भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर गिरने के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. हाईवे के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए हैं, जबकि हजारों तीर्थयात्री और स्थानीय लोग घंटों से रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं.

सिरोबगड़ का स्थायी हल निकालने की मांग: सिरोबगड़ स्लाइड जोन पिछले करीब तीन दशकों से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का सबसे बड़ा जख्म बना हुआ है. हर मानसून में यही स्थान चारधाम यात्रा की रफ्तार रोक देता है. करोड़ों रुपये की परियोजनाओं और कई तकनीकी प्रयासों के बावजूद इस भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया है. परिणामस्वरूप हर वर्ष यात्रियों, स्थानीय नागरिकों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर गंभीर संकट खड़ा हो जाता है.

हजारों यात्री रास्ते में फंसे: हाईवे बंद होने से केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा भी प्रभावित हुई है. रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद की जीवनरेखा माने जाने वाले इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात ठप होने से हजारों श्रद्धालु, पर्यटक, स्थानीय निवासी और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन बीच रास्ते में फंस गए हैं. लगातार गिरते मलबे और पत्थरों के कारण मार्ग खोलने में जुटी एजेंसियों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

स्थानीय लोग भी परेशान: स्थानीय निवासी नरेंद्र ममगाई का कहना है कि-

सिरोबगड़ की समस्या पिछले तीस वर्षों से जस की तस बनी हुई है. हर बरसात में चारधाम यात्रा प्रभावित होती है और सबसे अधिक परेशानी स्थानीय लोगों तथा तीर्थयात्रियों को झेलनी पड़ती है. अब इस स्लाइड जोन का स्थायी समाधान निकालना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है.
-नरेंद्र ममगाईं, स्थानीय निवासी-

यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का अपडेट लेने की अपील: जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. मार्ग खोलने के लिए संबंधित एजेंसियां युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के कारण राहत एवं बहाली कार्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें.

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