हनुमान अंश की सफलता के बाद हरिद्वार पहुंचीं निर्माता अनुप्रिया नागर, जानिए किस कहानी पर बनाएंगे अगली फिल्म
1 min readफिल्म हनुमान अंश की निर्माता अनुप्रिया नागर धर्मनगरी हरिद्वार पहुंची. जहां उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया.
हरिद्वार (उत्तराखंड): बाबा नीब करौली के जीवन और उनके संदेश पर आधारित फिल्म हनुमान अंश की सफलता के बाद फिल्म निर्माता अनुप्रिया नागर संतों का आशीर्वाद लेने हरिद्वार पहुंचीं. उन्होंने सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज से मुलाकात की और काली मंदिर में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान उन्होंने फिल्म की सफलता के लिए संतों और ईश्वर के प्रति आभार जताया.
इस दौरान आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि अनुप्रिया नागर पूरे भाव और श्रद्धा के साथ अपने परिजनों के साथ हरिद्वार पहुंची हैं. उन्होंने कहा कि अनुप्रिया लंबे समय से उनकी साधना और अनुष्ठानों से प्रेरणा लेती रही हैं. फिल्म को लेकर जब शुरुआती दौर में सफलता को लेकर आशंका थी, तब अनुप्रिया ने उन्हें याद किया था. उन्होंने कहा कि हनुमान जी के दर्शन और संतों के आशीर्वाद के बाद फिल्म ने सफलता हासिल की.उन्होंने अनुप्रिया को भविष्य में भी सफलता मिलने का आशीर्वाद दिया. स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि हनुमान अंश की सफलता की कहानी देवभूमि उत्तराखंड से भी जुड़ी है और फिल्म ने उत्तराखंड का नाम ऊंचा किया है. उन्होंने कहा कि देश के जैन जी यानी युवाओं ने भी फिल्म को खूब पसंद किया है और उनकी पसंद के कारण फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली है. अनुप्रिया ने उनसे धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर फिल्म बनाने की इच्छा जाहिर की है लेकिन उन्होंने अनुप्रिया को अभी हनुमान अंश हो घर घर तक पहुंचाने की सलाह दी है.
वहीं अनुप्रिया नागर ने कहा कि फिल्म की सफलता संतों और ईश्वर के आशीर्वाद का परिणाम है. उन्होंने बताया कि यूके में पढ़ाई के दौरान उन्हें पता चला कि कंप्यूटर से जुड़े स्टीव जॉब्स भी नीब करौली बाबा के भक्त थे. कैंची धाम से जुड़ी जानकारी और बाबा के जीवन से प्रभावित होकर उन्होंने हनुमान जी और नीब करौली बाबा पर शोध शुरू किया. रिसर्च के दौरान उन्हें हनुमान जी के जीवन और उनके संदेश से जुड़ी कई जानकारियां मिलीं, जिसने उन्हें फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया.
रिसर्च में पता चला कि भगवान शिव के ग्यारहवें अवतार हनुमान जी थे. उन्होंने बताया कि भारत लौटने के बाद उन्हें पता चला कि नीब करौली बाबा हनुमान जी के अंश हैं और उन पर फिल्म बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था. इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई फिल्म में लगाई. उनके साथ दो अन्य महिलाओं ने भी इन्वेस्ट किया और तीन महिलाओं ने मिलकर फिल्म का निर्माण किया.
अनुप्रिया ने बताया कि शुरुआती दस दिनों में फिल्म के प्रदर्शन को लेकर उन्हें चिंता होने लगी थी, लेकिन इसके बाद संतों और ईश्वर की कृपा से फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संत महापुरुषों के जीवन और संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है. आने वाले समय में भी इसी उद्देश्य के साथ संत महापुरुषों पर फिल्में बनाने का प्रयास जारी रहेगा. इस दौरान उन्होंने फिल्म की सफलता में सहयोग और मार्गदर्शन के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रभारी शांतनु शुक्ला का भी आभार जताया.
