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July 4, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

शिक्षा विभाग में खरीद और निर्माण की निगरानी का प्लान, जांच के दायरे में ये प्रकरण

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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में निर्माण और खरीद से जुड़े तमाम मामलों को लेकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था की हालत सुधारने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही है. लेकिन इन योजनाओं में भी अनियमितता को लेकर शक की सुई घूम रही है. स्थित है कि यह मामला सुरक्षा बैठक के दौरान भी चर्चाओं में रहा है जिसके बाद विभागीय मंत्री के स्तर पर जांच के आदेश भी निर्गत कर दिए गए हैं.कुछ प्रकरणों में अनियमितता दिखाई देने पर मुख्यालय स्तर से जांच के भी निर्देश दे दिए गए हैं. विशेषकर कंप्यूटर खरीद के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जांच कराने का फैसला लिया गया है.

बात केवल बच्चों को तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने से जुड़ी कंप्यूटर खरीद की नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए तैयार की गई खेल किट में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है. शायद यही कारण है की समीक्षा के दौरान इन बातों पर चर्चा की गई और फिर जांच के भी आदेश दे दिए गए.इसमें आशंका जताई जा रही है कि निविदा के दौरान ठीक से प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिससे इन खरीद में अधिक बजट खर्च हुआ.

मामले को लेकर मुख्यालय स्तर पर कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए गए हैं.उधर राज्य में विभिन्न जिलों में मिड डे मील पर भी दिशा निर्देश जारी हुए हैं और विद्यालयों में मिड डे मील की व्यवस्था ठीक से किए जाने के लिए भी कहा गया है, हालांकि इस दौरान शहरी क्षेत्र में मिड डे मील की व्यवस्थाओं में आ रही शिकायतों की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं.

विभाग ऐसे तमाम मामलों को लेकर निगरानी बढ़ाने जा रहा है और इसके लिए कुछ नई व्यवस्था भी की जाएगी. यदि विभिन्न योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलती है तो इस पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.
-धन सिंह रावत,शिक्षा मंत्री

मिड डे मील में गड़बड़ी की आशंका इसलिए भी नजर आ रही है कि विभिन्न शहरों में मौजूद विद्यालयों में बच्चों की संख्या बेहद कम है. लेकिन मिड डे मील में प्रयोग होने वाले भोजन की मात्रा अधिक दिखाई दे रही है. ऐसे में इसे क्रॉस एग्जामिन करने का फैसला लिया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके की बच्चों के खाने को लेकर इस तरह की स्थिति क्यों दिखाई दे रही है.उधर दूसरी तरफ फर्नीचर कंप्यूटर और जादू का पिटारा यानी खेल सामग्री की खरीद में भी बड़ी गड़बड़ी नजर आ रही है.

इसमें यह सामने आया है कि खरीद के लिए अधिकतम कीमत जो विभाग द्वारा तय की गई थी उसी में ही निविदा कैसे कर दी गई और किसी भी संस्था ने इससे कम रेट क्यों नहीं दिखाएं. ऐसे में इंतामम अनियमितताओं को लेकर अब जांच करवाई जाएगी यही नहीं मुख्यालय स्तर पर एक नोडल अधिकारी भी नामित किया जा रहा है जो कि राज्य भर में चल रहे निर्माण के कार्यों की मॉनिटरिंग करेगा और जिला स्तरीय समिति या अधिकारियों से भी इस संबंध में सीधे समन्वय रखेगा.

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