देश दुनिया में बढ रहा कोरोना का कहर, लेकिन लोग है कि मानते नहीं – बिजेंद्र पुंडीर
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मसूरी : देश में जहां कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है वहीं मसूरी में स्थानीय लोगों सहित पर्यटक सरकारी गाइड लाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। जबकि पुलिस लगातार मास्क न पहनने वालों के चालान कर रही है व नगर पालिका भी लगातार अपने वाहनों से कोरोना की सरकारी गाइड लाइन का एनाउंसमेंट कर रही है। लेकिन उसके बावजूद लोग मास्क लगाने व सोशल डिस्टेश बनाने को तैयार नहीं हैं।
एक बार फिर पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है जिसके तहत देश के भी कई राज्यों में एक बार फिर कोरोना अपने पैर पसार दिए है। लेकिन इसके बावजूद पर्यटन नगरी मसूरी में कोरोना गाइड लाइन का पालन करने को कोई तैयार नहीं है, अधिकतर लोग तो बिना मास्क के घूम रहे हैं व जिन्होंने मास्क लगा भी रखे है वह दिखावे के है क्योंकि वह केवल कान से लटके हैं उससे न ही नाक व मुंह को ढका जा रहा है। इसी तरह सोशल डिस्टेंस का भी कही पालन नहीं किया जा रहा है। पंजाब के अमृतसर से आये अमनप्रीत कौर व हरमीत ने माल रोड पर घूमते हुए मास्क नही लगा रखा था जिस पर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने अलग ही बहाना बनाया वहीं अन्य लोग भी अलग अलग तरीके से बहाना बनाकर मास्क न लगाने के कारण बता रहे थे वहीं जब कुछस्थानीय लोगों से भी इस बारे में पूुछा गया तो उन्होंने भी बहाने बनाये कोई कह रहा था अभी खाना खाया कोई कह रहा था कि वह फास्ट फूड खाकर ही निकले हैं, किसी की जेब में मास्क था तो किसी ने बताया कि मास्क गिर गया है। लेकिन मास्क लगाने पर उन्होंने इसको जरूरी बताया व कहा कि यह जरूरी है। उसके बाद भी लोग बिना मास्क के घूम रहे है जिससे ऐसा लगता है कि किसी को भी मौत से डर नहीं हैं। जबकि पुलिस भी गलातार मास्क न पहनने वालों के चालान कर रही है। कोतवाल देवेंद्र असवाल ने कहा कि पुलिस हर रोज मास्क न पहनने के चालान कर रही है उसके बाद भी लोग मानने को तैयार नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर नगर पालिका भी अपने वाहनों से चैबीसों घंटे लाउडस्पीकर से एनांउसमैंट करती रहती है लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं हैं। मालूम हो कि देश मंेे कोरोना का कहर तेजी से बढ रहा है, जिससे बचना जरूरी हो गया है। कोरोना से पूरे देश में हा हा कार मचा है अस्पतालों में जगह नहीं है, लोग उपचार न मिल पाने के कारण वाहनों अस्पताल ही दहलीज पर दम तोड़ रहे हैं। नये संक्रमण के लक्षण भी जल्दी से पता नहीं लग पा रहे हैं, ऐेसे में खतरा बढ़ गया है वहीं अब देश विदेश के कई वैज्ञानिकों का मानना है कि संक्रमण वायु में भी फैल रहा है, उनके शोध के अनुसार जहां अधिक लोग एक साथ एकत्र हो रहे हैं या कार्य कर रहे हैं वहां लोग अधिक संक्रमित हो रहे हैं। हालात यह है कि सारी सरकारी मशीनरी पूरी ताकत से लगने के बाद भी कोरोना रोकने में सफल नहीं हो पा रही है जिसका मुख्य कारण लापरवाही है। और यही लापरवाही सरकार के लिए चुनौती बन रही है। मसूरी जैसे छोटे शहर में भी लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन उसके बाद भी लोगों की लापरवाही जारी है। हालांकि यहां भी अब प्रदेश सरकार के निर्देश पर रात्रि कफ्र्यू लगाया जा रहा है तथा रविवार को कोरोना कफ्र्यू लगाया गया। लेकिन इसका कोई लाभ नहीं है क्यों कि जब तक संपूर्ण आवाजाही बंद नहीं होगी तब तक चेन ब्रेक नही होगी। क्यों कि कोरोना कफ्र्यू में राशन की दुकानें, दूध, सब्जी, की दुकानें खुली रही वहीं आने जाने पर भी कोई पाबंदी नहीं रही तो ऐसे में चेन ब्रेक कैसे हो पायेगी। भले ही एक दिन का कोरोना कफ्र्यू लगायें लेकिन पूर्ण बंद होना चाहिए कोई आवाजाही नहीं होनी चाहिए तभी चेन ब्रेक हो पायेगी। जबकि इस बार का कोरोना संक्रमण के लक्षण का भी पता नहीं चल पा रहा है और बहुत तेजी के साथ फैल रहा है। गत वर्ष मसूरी में कोरोना के चरम पर होने के बाद भी बहुत कम मामले आये लेकिन इस बार पिछली बार से कई गुना लोगों में संक्रमण के लक्षण पाये जा रहे हैं जिससे स्थिति दिन प्रतिदिन भयावह हो रही है। हालांकि प्रशासन व पुलिस लगातार कड़ाई कर रही है व सरकारी गाइड लाइन का पालन कराने का प्रयास कर रही है लेकिन उसके बाद भी लोग मान नहीं रहे। मास्क लगाने को लोग शौकिया मान रहे हैं व नाक मुह बंद करने के बजाय गले या ठोडी में लटकाना पसंद कर रहे हैं, वहीं सोशल डिस्टेस का तो कही भी पालन नहीं किया जा रहा है। मालरोड सहित सभी स्थानों पर लोग झुड बनाकर खड़े देखे जा सकते है चाय पानी की दुकाने हो या परचून, सब्जी की दुकान वहां पर भी कोई सोशल डिस्टेश का पालन नही कर रहा है। जब कि इस बार का कोरोना पहले से अधिक खतरनाक व प्रभावशाली है। आश्चर्य होता है कि आज भी कई लोग यह कहते नहीं थकते की कोरोना सरकार की साजिश है जबकि आये दिन हजारों लोग जान गंवा रहे हैं वहीं अस्पतालों में जगह नहीं है। आखिर इन लोगों को कौन समझाये। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मास्क लगाना व सोशल डिस्टेंस जरूरी है इसके बिना कोई दूसरा उपाय नही है। लोगों को इस गंभीर रोग के बारे में गंभीरता से समझना चाहिए व अपने व अपने परिवार की सुरक्षा के लिए समझदारी दिखाते हुए सरकारी गाइड लाइनों को पालन करना चाहिए अन्यथा सरकार के पास पूर्णतः लाॅक डाउन लगाने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
