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August 5, 2026

घराट

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उत्‍तराखंड में हिंदी नहीं ये होगी आम बोलचाल की भाषा, एक लाख लोगों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

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राज्य में संस्कृत शीघ्र आम बोलचाल की भाषा बनेगी। इसके लिए एक लाख व्यक्तियों को चरणबद्ध तरीके से आनलाइन और आफलाइन माध्यम से सरल संस्कृत संभाषण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ में यज्ञ, कर्मकांड और वेद में सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे। पहले चरण में 100 बच्चों, और इसके बाद प्रत्येक वर्ष एक लक्ष्य निर्धारित कर युवाओं को 16 संस्कारों के बारे में बताया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की सामान्य समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने को विशेष प्रयास किए जाएं। संस्कृत का अध्ययन कर रहे बच्चों को 16 संस्कार के बारे में बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की होनी चाहिए। संस्कृत के क्षेत्र में शिक्षण, लेखन एवं संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्द्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को प्रत्येक वर्ष सम्मान राशि दी जाए।

सभी कार्यालयों में संस्कृत में नामपट्टिका अनिवार्य
संस्कृत शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि अभी प्रत्येक जिले के एक गांव समेत कुल 13 गांवों को संस्कृत ग्राम बनाया जा रहा है। इसे चरणबद्ध तरीके से ब्लाक स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने राज्य में संस्कृत के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना और पुजारियों को प्रोत्साहन योजना का सुझाव दिया। बैठक में समिति के सदस्यों ने सुझाव दिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं में संस्कृत के प्रश्न जोड़े जाने चाहिए। संस्कृत में शोध को बढ़ावा दिया जाए। राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के संबंध में आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

वेद अध्ययन केंद्र बनेंगे
यह तय किया गया कि वेदों के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए वेद अध्ययन केंद्र बनेंगे। सराहनीय कार्य करने वाले संस्कृत विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा। संस्कृत में विभिन्न समसामयिक विषयों पर लघु फिल्म बनाने के लिए प्रतियोगिता होगी।

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