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August 19, 2026

घराट

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पिथौरागढ़ में भारी लैंडस्लाइड, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का पुल टूटा, आज लौट रहा तीर्थयात्रियों का 9वां जत्था

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बीआरओ के अनुसार कूलागाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद यातायात को वैकल्पिक मार्ग से संचालित करने के लिए डायवर्जन तैयार किया जा रहा है

देहरादून/पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले में धारचूला-तवाघाट एनएच पर बुधवार को पत्थर और बोल्डर गिरने से कूलागाड़ पुल क्षतिग्रस्त हो गया. पुल को नुकसान पहुंचने के बाद इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है. घटना की जानकारी मिलने के बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंची और मार्ग को सुचारू करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है. गढ़वाल और कुमाऊं दोनों रीजन में लंबे समय से भयानक बारिश और भूस्खलन की खबरें आ रही है.

धारचूला-तवाघाट एनएच पर बोल्डर गिरने से पुल टूटा: बीआरओ की ओर से बताया गया है कि कूलागाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद यातायात को वैकल्पिक मार्ग से संचालित करने के लिए डायवर्जन तैयार किया जा रहा है. बीआरओ के अनुसार बुधवार शाम तक डायवर्जन का काम पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है. इसके बाद मार्ग पर आवागमन को सामान्य करने की कोशिश है.

कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर एजेंसियां अलर्ट: कूलागाड़ पुल को हुए नुकसान के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर भी प्रशासन और संबंधित एजेंसियां अलर्ट हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा का नौवां जत्था आज बुधवार को भारत में प्रवेश करेगा. इस जत्थे में कुल 48 सदस्य शामिल हैं. इसके अलावा केएमवीएन के तीन कुक भी जत्थे के साथ हैं. यात्रा के अगले जत्थे की भी जानकारी सामने आई है. 10वां जत्था फिलहाल तिब्बत में ही है, जिसके 23 अगस्त 2026 को भारत में प्रवेश करने की संभावना है. इस जत्थे में कुल 44 सदस्य हैं, जबकि केएमवीएन के तीन कुक भी यात्रियों के साथ शामिल हैं.

शाम तक तैयार होगा डायवर्जन: धारचूला-तवाघाट मार्ग सीमांत क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. मानसून के दौरान पहाड़ों से पत्थर और बोल्डर गिरने के कारण इस मार्ग पर यातायात को अक्सर चुनौती का सामना करना पड़ता है. ऐसे में कूलागाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बीआरओ की प्राथमिकता जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर यातायात बहाल करना है.

फिलहाल सभी की निगाहें बीआरओ के डायवर्जन कार्य पर टिकी हैं. खास तौर पर कैलाश मानसरोवर यात्रा के जत्थों की आवाजाही को देखते हुए मार्ग की स्थिति और यातायात व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शाम तक डायवर्जन तैयार होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी.

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