Categories

June 2, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

एलयूसीसी चिट फंड घोटाला: सीबीआई का बड़ा एक्शन, मुंबई से दो मास्टरमाइंड अरेस्ट

1 min read

मुंबई से गिरफ्तार आरोपी उत्तराखंड में जनता से जमा राशि जुटाने और विभिन्न शाखाओं का संचालन करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे.

देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है. एजेंसी ने मामले के दो प्रमुख आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि प्रदेश के एक लाख से अधिक निवेशकों से करीब 800 करोड़ रुपए जमा कराए गए थे, जिनके गबन और दुरुपयोग के आरोप हैं.

बता दें कि उत्तराखंड के चर्चित LUCC चिटफंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को 1 जून 2026 को मुंबई, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है. दोनों की गिरफ्तारी वित्तीय दस्तावेजों के गहन विश्लेषण, बैंक लेन-देन की जांच, गवाहों के बयान और अलग -अलग राज्यों में किए गए व्यापक फील्ड इन्वेस्टिगेशन के बाद की गई है.

सीबीआई के अनुसार यह मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट के 17 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में दर्ज किया गया था. सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) देहरादून ने 26 नवंबर 2025 को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर राज्य पुलिस ने पहले से दर्ज 18 एफआईआर की जांच अपने हाथ में ली थी. जांच में आरोप है कि LUCC और उससे जुड़े पदाधिकारियों ने अनियमित जमा योजनाओं के माध्यम से लोगों से अवैध रूप से धन एकत्र किया.

निवेशकों के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक षड्यंत्र और धन के गबन जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं. यह घोटाला उत्तराखंड के कई जिलों में फैला हुआ था. बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आए. साथ ही सीबीआई की अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि करीब एक लाख से अधिक निवेशकों को विभिन्न जमा योजनाओं में निवेश के लिए प्रलोभन दिया गया था. इन निवेशकों से लगभग 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए. जिनके दुरुपयोग और गबन की आशंका जताई गई है.

एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में शामिल थे. जांच में उनके खिलाफ धन संग्रह, फंड के प्रबंधन, धन के डायवर्जन और गबन में सक्रिय भूमिका के साक्ष्य मिले हैं. CBI के मुताबिक दोनों आरोपी अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर धन के संचालन और उपयोग की साजिश का हिस्सा थे. इससे पहले सीबीआई ने 12 और 13 मई 2026 को पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिनमें LUCC के तीन वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर भी शामिल थे.

ये आरोपी उत्तराखंड में जनता से जमा राशि जुटाने और विभिन्न शाखाओं का संचालन करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. फिलहाल सभी पांच आरोपी देहरादून की सुधोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं. सीबीआई ने जांच के दौरान आरोपियों द्वारा कथित रूप से अपराध की आय से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का भी पता लगाया है. इन संपत्तियों का विवरण उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव को भेजा गया है. जिससे BUDS Act के तहत उन्हें फ्रीज कर पीड़ित निवेशकों को राहत दिलाने की कार्रवाई की जा सके. साथ ही यह गिरफ्तारी मामले की बड़ी साजिश को उजागर करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है. पूरे प्रकरण की जांच तेजी से जारी है.

Spread the love

You may have missed