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September 26, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

हेली सेवाओं ने लगाए राहत एवं बचाव कार्यों को पंख, मौसम खुलते ही चिनूक और MI-17 ने संभाला मोर्चा

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गुरूवार की सुबह न केवल थराली के आपदा प्रभावितों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई। मौसम ने साथ दिया तो हेली सेवाएं राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय हो गईं। वायुसेना, सेना व उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास परिषद (यूकाड़ा) के हेलीकाप्टर संचालित कर रहे पायलट ने ड्यूटी के तय समय से अधिक कार्य कर 93 उड़ान भरी। इस दौरान 500 से अधिक यात्रियों व राहत सामग्री को विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया गया। इनमें बचाव कार्यों में लगे सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के कार्मिकों को लाने-ले जाने के साथ ही फंसे हुए यात्री भी शामिल रहे। उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के बाद राहत व बचाव कार्य की बड़ी चुनौती थी। सड़क मार्ग बंद होने के कारण सारी उम्मीदें हेली सेवाओं पर टिक गईं थी। प्रदेश सरकार ने यूकाडा को प्रभावित क्षेत्रों के लिए हेली सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में गुरूवार को यूकाडा ने आठ हेलीकाप्टर इस कार्य के लिए तैनात किए। पहले दिन इनमें से तीन हेलीकाप्टरों ने राहत व बचाव कार्य शुरू करते हुए पहले दिन सात फेरे लगाए। यद्यपि, चिनूक देहरादून पहुंच चुका था, लेकिन खराब मौसम के कारण वह उड़ान नहीं भर पाया। वहीं, एमआइ-17 को भी वापस लौटना पड़ा। मौसम खुला तो हेली सेवाओं के जरिये राहत एवं बचाव कार्यों ने गति पकड़ी। सेना के चिनूक हेलीकाप्टर ने आवश्यक उपकरणों को हर्षिल तक पहुंचाने के साथ ही प्रभावितों को देहरादून तक लाने का काम किया। शाम तक चिनकू व एमआइ-17 ने तीन उड़ान भरी और 112 यात्रियों को जौलीग्रांट तक सुरक्षित पहुंचाया। वहीं, यूकाडा द्वारा संचालित हेलीकाप्टर ने 446 यात्रियों व राहत व बचाव में लगे कार्मिकों को इधर से उधर पहुंचाया। सेना के हेलीकाप्टर जहां हर्षिल में हेलीपैड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वहीं यूकाडा के हेलीकाप्टर झाला हेलीपैड से संचालित हो रहे हैं। इस समय यूकाडा के सात हेलीकाप्टर मातली में तैनात हैं। वहीं एक चिनूक और सेना का एडवांस लाइट हेलीकाप्टर चिन्यालीसौड़ में तैनात रखे गए हैं। शुक्रवार सुबह ये हेलीकाप्टर यहीं से राहत व बचाव कार्य शुरू करेंगे।

चिनूक से मातली पहुंचाया गया वीसेट और जनरेटर
सरकार ने चिनूक के जरिये एक वीसेट (अति लघु अपर्चर टर्मिनल) और एक जेनरेटर भी मातली पहुंचा दिया है। यह सुबह हर्षिल पहुंच जाएगा। इनके पहुंचने से यहां संचार सेवाएं त्वरित गति से कार्य करने लगेंगी।

बचाव कार्यों में लगाए गए हेलीकाप्टर
चिनूक- 02
एमआइ 17 – 02
यूकाड़ा – 08
सेना – 03 (एक एलएलएच और दो चीता)

आज भरी कुल उड़ान
यूकाडा – 85
चिनूक – 02
एमआइ 17 – 01
चीता- 05
एडवांस लाइट हेलीकाप्टर – 01
कुल – 15

लाए गए यात्रियों की संख्या
गंगोत्री से हर्षिल – 274
गंगोत्री से नेलांग – 19
हर्षिल से मातली – 255
हर्षिल से जाैलीग्रांट – 112

राहत बचाव को नेलांग में कार्यरत दल
आर्मी मेडिकल – 50
टोकला टीसी – 50
स्पेशल फोर्स (आगरी) – 115
अग्निशमन विभाग – 24
आइटीबीपी – 32

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