कुमाऊं मंडल पर बारिश की भारी मार, लैंडस्लाइड से जिलों की 100 से ज्यादा सड़कें बंद, जन जीवन अस्तव्यस्त
1 min readउत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में तीन दिन से हो रही बारिश ने सबसे ज्यादा नुकसान सड़कों को पहुंचाया है.
अल्मोड़ा/पिथौरागढ़/बागेश्वर/नैनीताल: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में बारिश आफत बनी हुई है. बारिश के कारण हो रहे लैंडस्लाइड से अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल जिलों मिलाकर 100 से ज्यादा सड़कें बंद हैं. तीन दिन से बारिश हो रही है. इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. लोगों के लिए आवागमन भी कठिन हो गया है.
कुमाऊं मंडल में बारिश से हाहाकार: अल्मोड़ा जिले में पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश आफत बनी हुई है. इससे जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. भारी बारिश के कारण जगह-जगह पहाड़ियां दरकने से सड़कों पर भारी मात्रा में मलबे और बोल्डर आ गए हैं. इससे जिले का एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक स्टेट हाईवे और दो जिला मार्गों सहित कुल 23 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं. इसके चलते जिले के अनेक ग्रामीण इलाकों के लोगों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय और बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया है.
अल्मोड़ा में 23 सड़कें लैंडस्लाइड से बंद: जिले में बीते तीन दिनों से रुक-रुक बारिश हो रही है. बारिश में जिले के दो मुख्य जिला मार्गों के साथ-साथ दो दर्जन के करीब ग्रामीण सड़कों पर पहाड़ी दरकने से भारी तबाही हुई है. लोनिवि और आपदा प्रबंधन की टीमें मलबे को हटाने के काम में जुटी हैं, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी बाधा आ रही है.
सड़कें बंद होने से लोग परेशान: सड़कों के बंद होने से सबसे अधिक परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और दैनिक आवश्यक वस्तुओं की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है. कुमाऊं के तीन पर्वतीय जिलों की लाइफलाइन माने जाने वाले अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग को बीते दिन को कड़ी मशक्कत के बाद कुछ देर के लिए यातायात के लिए खोला गया था, लेकिन पहाड़ी से दोबारा भारी मलबा आने के कारण फिर बंद हो गया. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि बंद सड़कोें में आए मलबे को जेसीबी से हटाया जा रहा है.
अल्मोड़ा के बाजारों में सन्नाटा: लगातार हो रही इस आफत की बारिश का सीधा असर व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है. अल्मोड़ा नगर के मुख्य बाजारों सहित आसपास के कस्बों की बाजारों से रौनक गायब है. सड़कों के बंद होने और खराब मौसम के डर से लोग घरों में ही दुबके हैं. बाजारों में समय से पहले ही पूरी तरह सन्नाटा पसर जा रहा है. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर न जाने की अपील की है. वहीं आज 2 सितंबर को जिले के सभी विद्यालयों ओर आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने के आदेश प्रशासन की ओर से जारी किए गए हैं.
अल्मोड़ा जिले में ये सड़क हुई बंद
- अल्मोड़ा- घाट पनार एनएच मार्ग
- चिमटाखाल -भौनखाल जिला मोटर मार्ग
- ममरछीना- खडाउ जिला मोटर मार्ग
- अल्मोड़ा -बाडेछीना शेराघाट स्टेट हाईवे
- सोमेश्वर -ग्वालाकोट ग्रामीण मोटर मार्ग
- डोबा- चौसली ग्रामीण मोटर मार्ग
- पातली बगड़-गणनाथ ग्रामीण मोटर मार्ग
- ताकुला -गणानाथ- रणमण ग्रामीण मोटर मार्ग
- मंगलता -त्रिनेली ग्रामीण मोटर मार्ग
- कठपुड़िया -बनसर ग्रामीण मोटर मार्ग
- पैसिया -मल्ला गढ़कोट ग्रामीण मोटर मार्ग
- ताड़ीखेत -ऊनी ग्रामीण मोटर मार्ग
- हनुमान मंदिर- गल्ली रौल ग्रामीण मोटर मार्ग
- दाडिमखोला सकनियाकोट ग्रामीण मोटर मार्ग
- शीतलाखेत -कठपुडिया दौलाघट ग्रामीण मोटर मार्ग
- हरड़ा- शितलाखेत ग्रामीण मोटर मार्ग
- जैंती -नया संग्रोली ग्रामीण मोटर मार्ग
- क्वारब बाईपास ग्रामीण मोटर मार्ग
- लोअर माल रोड लिंक रोड ग्रामीण मोटर मार्ग
- चायखान थुवासिमल ग्रामीण मोटर मार्ग
- मनिआगर खोला ग्रामीण मोटर मार्ग
- धौलछीना काचूला दयारी ग्रामीण मोटर मार्ग
- अल्मोड़ा बसोली पोखरी नाइ्रढोल ग्रामीण मोटर मार्ग
इन जिलों में भी सड़कें बंद: इसके साथ ही कुमाऊं मंडल के अन्य जिलों पर भी बारिश से आई आपदा की मार पड़ी है. बागेश्वर जिले की कुल 13 सड़कें बंद पड़ी हैं. सीमांत पिथौरागढ़ जिले की 24 सड़कें बंद हैं. नैनीताल जिले की 47 सड़कें बंद पड़ी हैं. चंपावत जिले में 4 रोड बंद हैं.
