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August 21, 2026

घराट

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Haridwar: जिले के स्कूलों में गहराया मिड-डे मील संकट, उधार के चावल से बन रहा भोजन, कई विद्यालयों में हुआ बंद

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स्कूलों में मिड-डे मील संकट गहरा गया है। उधार के चावल से भोजनबन रहा है। मिड-डे मील योजना के सुचारू संचालन के लिए उन्हें स्थानीय सरकारी राशन डीलरों से उधार पर चावल लेना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि उधार का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और समय पर भुगतान न होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। ऐ

हरिद्वार जनपद के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील योजना की व्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतरती नजर आ रही है। कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन के लिए चावल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कई स्कूलों में उधार के चावल से भोजन बनाकर बच्चों को परोसा जा रहा है, जबकि कुछ विद्यालयों में चावल न होने के कारण मिड-डे मील पूरी तरह बंद करना पड़ा है।

जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष से ही स्कूलों में चावल की आपूर्ति प्रभावित चल रही है, जिससे प्रधानाध्यापकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मिड-डे मील योजना के सुचारू संचालन के लिए उन्हें स्थानीय सरकारी राशन डीलरों से उधार पर चावल लेना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि उधार का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है और समय पर भुगतान न होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। ऐसे में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द चावल उपलब्ध कराने और बकाया भुगतान कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को नियमित रूप से भोजन मिल सके।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इससे मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता और निरंतरता दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर बच्चों के पोषण और शिक्षा पर पड़ सकता है।

इतनी गंभीर है स्थिति

– राजकीय प्राथमिक विद्यालय ब्रह्मपुरी में पांच क्विंटल चावल की आवश्कता है। तीन क्विंटल चावल उधार लिया जा चुका है।

– राजकीय प्राथमिक विद्यालय सोहलपुर में 06 कुंतल चावल उधार में लाया जा चुका है। करीब एक माह से दोपहर का भोजन बाधित है।

– राजकीय प्राथमिक विद्यालय रावली महदूद नंबर- 01 में 17 क्विंटल चावल डीलर से उधार लिया गया है। 25 क्विंटल चावल की व्यवस्था कराने की मांग की गई।

– राजकीय प्राथमिक विद्यालय हरसीवाला में उधार के चावल से मिड-डे मील बनाया जा रहा है। दो क्विंटल चावल की आवश्यकता है।

– जूनियर हाई स्कूल झबरी में तीन क्विंटल आवश्यकता है, डीलर से तीन क्विंटल चावल उधार लिया है।

सरकारी चावल की कहीं कोई कमी नहीं है। स्कूलों के लिए अप्रैल के चावल का आवंटन भी जारी कर दिया गया है। चावल से स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाया जा सकता है। -प्रमोद सती, उप संभागीय विपणन अधिकारी, हरिद्वार

पूर्व में कुछ गड़बड़ियाें के कारण मध्याह्न भोजन के चावल का वितरण स्कूलों में सही ढंग से नहीं हो सका लेकिन जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा। स्कूलों में सुचारु रूप से चावल का आवंटन मध्याह्न भोजन के लिए होता रहेगा। -अमित कुमार चंद, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) हरिद्वार

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