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August 6, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

बारिश से पहाड़ों पर आपदा जैसे हालात, सीएम धामी ने लिया जायजा; कहा- अगले दो माह तक 24 घंटे अलर्ट रहेंगे अधिकारी

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वर्षाकाल में आपदा की चुनौतियों से निबटने के दृष्टिगत सरकार सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आइटी पार्क स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मानसून को देखते हुए शासन-प्रशासन के अधिकारियों को अगले दो माह तक 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। साथ ही मानसून अवधि के दौरान अधिकारियों को नियमित रूप से ग्राउंड जीरो पर रहकर व्यवस्था चाक-चाैबंद रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने और वहां भोजन, दवा, बच्चों के लिए दूध समेत अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा की संभावना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत अगले 24 घंटे के लिए चारधाम यात्रा रोकी गई है।
नदियों व बरसाती गदेरों के आसपास और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर निवासरत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां लोग सुरक्षित स्थानों पर हों, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्हाेंने उत्तरकाशी के बड़कोट क्षेत्र में बादल फटने से लापता मजदूरों के खोज-बचाव अभियान में और तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्रप्रयाग में हुई वाहन दुर्घटना में जो लोग अभी लापता हैं, उनकी खोजबीन के कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी जनपदों में गर्भवती महिलाओं की डाटा बेस तैयार किया जाए। सितंबर तक जिन महिलाओं की डिलीवरी होनी है, उनका नियमित अपडेट रखने के साथ ही प्रसव पूर्व उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिलाधिकारियों से सभी जनपदों में हो रही वर्षा, सड़कों की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जो सड़के क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें जल्द खुलवाने की व्यवस्था की जाए। संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी समेत अन्य जरूरी उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में नदी, नाले, गदेरे रास्ते बदल सकते हैं, वहां जरूरत पड़ने पर चैनलाइजेशन समेत अन्य सुरक्षात्मक कार्य कराने को कहा। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद स्वरूप, राजकुमार नेगी उपस्थित रहे।

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