अर्नब तूफान ने आंध्र में मचायी तबाही, छह की मौत, 126 KM सड़क डैमेज, 1058 पेड़, बिजली खंभे-तार हुए तबाह
1 min readआंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब के चलते 126 किलोमीटर सड़कें डैमेज हो गई. 1058 पेड़ गिरे.
विशाखापत्तनम: दक्षिण राज्य आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान के चलते बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान हुआ. इस दौरान 6 लोगों की मौत की खबर है. इसके साथ ही बड़े पैमाने पर बिजली के खंभे और तार गिरे. बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हो गए. हजारों की संख्या में पेड़ उखड़ गए. सड़कें प्रभावित हुई. बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा.
अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत
साइक्लोन अर्नब ने आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से और तटीय इलाकों में तबाही मचाई. राज्य में तूफान संबंधी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई है, जहां तेज हवा की वजह से बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए.
एएनएम कर्मी नहर पार करते समय बह गई
ईस्ट गोदावरी जिले में एक एएनएम (ऑक्ज़ीलियरी नर्स मिडवाइफ) नहर पार करने की कोशिश करते समय बह जाने के बाद लापता हो गई. डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा जिले के साकिनेतिपल्ली मंडल में स्थित अंतरवेदिकारा प्रकाशपुरम में मंगलवार आधी रात के करीब एक झोपड़ी गिर गई.

झोपड़ी में रहने वाली कोल्लू वेंकयम्मा (65) की मौत हो गई, जबकि उनके पति वेरियाय्या बाल-बाल बच गए. भीमावरम में सुंकारा पेद्दय्या स्ट्रीट के रहने वाले एच. किशोर कुमार (46) की मौके पर ही मौत हो गई, जब वह पास की एक दुकान जा रहे थे, तभी एक पेड़ और बिजली का खंभा उन पर गिर गया.
ईस्ट गोदावरी जिले में कोव्वाडा नागेश कुमार (55) और उनकी पत्नी वीरलक्ष्मी, कोरुकोंडा से राजामहेंद्रवरम की ओर टू-व्हीलर पर जा रहे थे. बुरुगुपुडी और मधुरपुडी के बीच सड़क किनारे एक पेड़ कपल पर गिर गया. पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है.
गुंटूर जिले के तेनाली मंडल के गुडीवाड़ा गांव के रहने वाले नागभूषणम का छठी क्लास का बेटा देवांश (11) बुधवार को स्कूल बंद होने की वजह से अपने दादा के घर गया था. कुछ देर बाद सुबह करीब 9:30 बजे वह घर जाने की बात कहकर निकला. जैसे ही लड़का एक पुराने घर के पास से गुजर रहा था, एक दीवार उस पर गिर गई. हालांकि घर के लोग तेज आवाज सुनकर बाहर भागे, लेकिन उन्हें पता नहीं चला कि लड़का मलबे के नीचे फंसा हुआ है. शाम 4:00 बजे जब मलबा हटाया जा रहा था, तब उसकी बॉडी मिली.
अनकापल्ली जिले के एलामंचिली शहर में मंगलवार रात तेज हवा की वजह से बिजली के तार टूटकर सड़क पर गिर गए. उसी समय तीन मंजिला बिल्डिंग की मेटल की छत की शीट उड़कर बिजली के तारों पर गिर गई. बुधवार सुबह, उसी कॉलोनी की रहने वाली 51 साल की भाग्यलक्ष्मी ने अपने घर के सामने पड़ी मेटल की शीट हटाने की कोशिश की. उन्हें बिजली का झटका लगा और उनकी मौत हो गई.
हवाओं की वजह से रात भर बिजली सप्लाई कटी रही, लेकिन सुबह आधे घंटे के लिए इसे ठीक कर दिया गया ताकि लोग पानी के पंप चला सकें. करम सत्यवती (48) ईस्ट गोदावरी जिले के सीतानगरम मंडल के नागमपल्ली सेक्रेटेरिएट में ANM (ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ) के तौर पर काम करती थी. वह बुधवार को अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद पति कोंडाला राव की टू-व्हीलर पर अपने गांव इंदुकुरुपेटा के लिए निकलीं. उनके साथ भवानी नाम की एक सहकर्मी भी थी. नागमपल्ली और कोटिकेसवरम के बीच तेज बहाव वाली इनुकोंडा नहर को पार करते समय, टू-व्हीलर बह गया. कोंडाला राव और भवानी तो सुरक्षित निकल गए, लेकिन सत्यवती लापता हो गई.
जन्मदिन पर मौत
साइक्लोन अर्नब की चपेट में आने से एक महिला की अपने जन्मदिन पर जान चली गई. माधवी (44) अपने पति कुरंडासु मनोहर के साथ बालाजी नगर (वार्ड 120) में रहती थी जो विशाखापत्तनम के डॉकयार्ड में कर्मचारी थे. मंगलवार रात साइक्लोन की वजह से तेज हवा के कारण उनके घर के पास बिजली की लाइनों पर एक पेड़ गिर गया.

बुधवार सुबह, जब बारिश कम हुई तो माधवी कुछ कचरा फेंकने के लिए ऊपर की मंजिल से नीचे आईं. जैसे ही उसने बाहर निकलने के लिए गेट खोला घर के ठीक बगल में लगा एक बिजली का खंभा अचानक उस पर गिर गया. उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. परिवार के लोग बहुत दुखी थे. उन्हें दुख था कि बुधवार को न सिर्फ माधवी का जन्मदिन था, बल्कि उसकी जिंदगी का आखिरी दिन भी था.
आंध्र प्रदेश में 126 km सड़कें डैमेज, सड़कों पर गिरे 1,058 पेड़
बुधवार शाम तक के शुरुआती आकलन से पता चलता है कि साइक्लोन अर्नब के असर से आंध्र प्रदेश में रोड्स एंड बिल्डिंग्स (R&B) डिपार्टमेंट की 126 किलोमीटर सड़कें डैमेज हो गई. तेज हवा की वजह से 1,058 पेड़ सड़कों पर गिर गए. इससे गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई. रिपोर्ट है कि इनमें से 859 पेड़ हटा दिए.
दो जगहों पर सड़क का कटाव हुआ. पानी जमा होने जैसी दिक्कतों की वजह से 57 जगहों पर ट्रैफिक रुका, जिनमें से 20 को पहले ही ठीक कर लिया गया. इंजीनियरों का अनुमान है कि रिपेयर के लिए कुल 59.44 करोड़ रुपये की जरूरत होगी. टेम्पररी रेस्टोरेशन के लिए 9.17 करोड़ रुपये और परमानेंट रिपेयर के लिए 50.27 करोड़ रुपये चाहिए.
मंत्री बीसी जनार्दन रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां भी सड़कें खराब हुई हैं, वहां तुरंत टेम्पररी मरम्मत करें, ताकि गाड़ियों की आवाजाही बिना रुके चलती रहे. इसके अलावा, साइक्लोन की वजह से राज्य भर में अलग-अलग नेशनल हाईवे पर 149 पेड़ गिर गए. इन्हें हटा दिया गया है, ताकि गाड़ी चलाने वालों को और कोई परेशानी न हो.
आंध्र प्रदेश में अर्नब से 11.70 करोड़ रुपये का नुकसान: APEPDCL
साइक्लोन ‘अर्नब’ की वजह से आंध्र प्रदेश में बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह प्रभावित हुआ. तेज हवा की वजह से अलग-अलग जगहों पर बिजली के उपकरणों को बहुत नुकसान हुआ. आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APEPDCL) के अधिकारियों ने शुरुआती अनुमान लगाया है कि नुकसान 11.70 करोड़ रुपये का है. सीएमडी पृथ्वी तेज ने बताया कि 7,000 से ज़्यादा बिजली के खंभे, 939 किलोमीटर बिजली की लाइनें, 470 सबस्टेशन और 2,539 फीडर खराब हो गए.
1874 गांवों में बिजली सप्लाई बहाल
सीएमडी पृथ्वी तेज ने बताया कि बुधवार दोपहर तक 4016 गांवों में बिजली सप्लाई बाधित थी, लेकिन अब 1,874 गांवों में इसे बहाल कर दिया गया है. बाकी इलाकों में अभी काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि 582 स्पेशल टीमों में बंटे 6,674 लोग बिजली ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं.
जिन 25.32 लाख गैर-कृषि बिजली कनेक्शन पर असर पड़ा था, उनमें से 6.37 लाख कनेक्शनों की सप्लाई ठीक कर दी गई. इसके अलावा 94,439 कृषि बिजली कनेक्शनों में से 20,989 की मरम्मत पूरी हो चुकी है. सीएमडी ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी गिरी हुई बिजली की लाइन या जमीन पर गिरे बिजली के खंभों को न छुएं. उन्होंने यह भी रिक्वेस्ट की कि बिजली जाने की जानकारी 1912 नंबर पर कॉल करके दी जाए.
