Categories

August 13, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

एसआईआर प्रक्रिया की शिकायत को लेकर कांग्रेसी विधायक लामबंद, जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जताया विरोध

1 min read

हरिद्वार में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है. कांग्रेसी विधायकों ने पात्र मतदाताओं के नाम हटाने का कथित आरोप लगाया.

हरिद्वार: मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के कई विधायक लामबंद होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे. विधायकों ने फॉर्म 7 के दुरुपयोग और फर्जी आपत्तियां दर्ज कराकर पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के कथित षड्यंत्र का आरोप लगाया. कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में राजनीतिक लाभ के लिए मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने भाजपा विधायकों पर भी वोट कटवाने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया.

विधायकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की. जिला कलेक्ट्रेट पहुंचने वालों में कांग्रेस विधायक ममता राकेश, काजी निजामुद्दीन, फुरकान अहमद, रवि बहादुर और वीरेंद्र जाती शामिल रहे. उनके साथ बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद भी पहुंचे. विधायकों ने एडीएम जितेंद्र कुमार के साथ बैठक कर प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतें और आपत्तियां रखीं. बैठक के दौरान फॉर्म 7 के माध्यम से दर्ज की जा रही आपत्तियों की जांच और मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने पर चर्चा की गई.

मंगलौर विधानसभा से कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने कई मामले सामने आए हैं कि एक ही परिवार के अलग अलग लोगों के नाम से एसआईआर प्रक्रिया की शिकायत कर दी गई है. बीएलओ और पूर्व विधायक के परिवार पर शिकायत तक हो गई. फर्जी शिकायतकर्ता ऐसी शिकायत कर रहे हैं. यह एक नहीं कई विधानसभाओं में इस तरह की शिकायतें मिल रहीं हैं. हमारी हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने भी इसी तरह की शिकायत की हैं.

विधायकों के द्वारा एसआईआर से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई है. फॉर्म 7 संबंधित कई शिकायतें मिली हैं. प्राप्त शिकायतों की जांच की जाएंगी. यदि जांच में कमियां पाई गई तो, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
-जितेंद्र कुमार, एसडीएम-

कुछ लोग जानबूझकर फर्जी शिकायतें कर रहे हैं, यदि चुनाव आयोग की जांच में ऐसे लोगों के नाम सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई में एक साल तक की सजा का प्रावधान है. एक व्यक्ति ने तो 30 शिकायत दर्ज कर कर दी हैं, जबकि नियमावली के अनुसार कोई व्यक्ति बल्क में शिकायत नहीं कर सकता. यदि जांच में उसके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे पाये गए तो हाई कोर्ट का सहारा भी लिया जाएगा. फिलहाल चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई है.

गौरतलब है कि बीते मंगलवार को हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने भी प्रेस वार्ता कर सत्तारूढ़ दल के लोगों पर उनकी विधानसभा के लोगों के वोट करवाने और फार्म 7 के दुरुपयोग का आरोप लगाया था. उन्होंने इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई करने की चेतावनी दी थी.

Spread the love

You may have missed