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November 4, 2026

घराट

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कुंभ से पहले सनातन संस्कृति के रंगों में सज रहा हरिद्वार, देवी देवताओं और ऋषि मुनियों की तस्वीरें कर रही मोहित

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कुंभ मेले के लिए हरिद्वार को रंगों से सजाया जा रहा है. दीवारों पर देवी देवताओं और ऋषि मुनियों की तस्वीरें उकेरी जा रही है.

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में कुंभ मेले की तैयारियां धरातल पर दिखाई देने लगी हैं. कुंभ मेले के बजट से 5 स्थाई पुल, 4.5 किलोमीटर लंबे गंगा घाट और कई सड़कें बनाई जा रहीं हैं. वहीं रंग रोगन का कार्य भी प्रगति पर है. इसके लिए शहर की प्राचीन इमारतों को एक ही रंग दिया जा रहा है. इसके साथ ही हाईवे के फ्लाईओवर और रेल अंडर पास पर सनातनी देवी देवताओं और ऋषि मुनियों की तस्वीरें बनाई जा रहीं हैं.

उद्देश्य है कि शहर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को हरिद्वार की आध्यात्मिक पहचान और प्राचीन परंपराओं की झलक दिखाई दे और लोगों को चित्रों के माध्यम से सनातन धर्म की सभ्यता और संस्कृति के बारे में जानकारी मिल सके. खासकर हरकी पैड़ी समेत सभी गंगा घाट और कनखल क्षेत्र की करीब 150 साल पुरानी इमारतों को एकरूप रंग रूप दिया जा रहा है. हाईवे पर बने फ्लाईओवर की दीवारों को धार्मिक चित्रकारी से सजाया जा रहा है. कुंभ मेला प्रशासन का दावा है कि नवंबर के अंत तक रंगाई पुताई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा. वहीं रंगाई पुताई के बाद जो शहर की तस्वीरें नजर आ रही हैं, उन्हें देखकर स्थानीय लोग भी उत्साहित हैं.

बता दें कि कनखल अपनी प्राचीन धार्मिक विरासत, मठों, मंदिरों और अखाड़ों के लिए विशेष पहचान रखता है. यहां कई ऐसी पुरानी इमारतें हैं, जो वर्षों से क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही हैं. इन इमारतों को एक समान स्वरूप देने के लिए पीले रंग से रंगाई पुताई कराई जा रही है. इसके साथ ही दुकानों और प्रतिष्ठानों के बोर्ड भी भगवा रंग में तैयार किए जा रहे हैं. रंगों के जरिए कुंभ मेले की तैयारी धरातल दिखाई भी देने लगी है.

दूसरी ओर, हाईवे के प्रमुख फ्लाईओवर की दीवारों पर भी चित्रकारी का काम चल रहा है. रेल अंडरपास की दीवारों पर भी इसी तरह रंग रोगन का कार्य चल रहा है. इन दीवारों पर सनातन धर्म से जुड़े देवी देवताओं, प्राचीन ऋषि मुनियों, साधु संतों की तस्वीरों को रंगों से उकेरा जा रहा है.

क्या कहते हैं स्थानीय लोग: चित्रकारी मनुष्य के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं. एक हजार शब्दों से ज्यादा एक चित्र ही प्रभावित कर देता है. हरिद्वार में दीवारों पर जो सनातनी धार्मिक देवी देवताओं के चित्र बनाए जा रहे हैं, वो प्रशासन का सराहनीय कदम है.
-पंडित मनोज त्रिपाठी, मुख्य पुजारी, नारायणी शिला मंदिर-

दीवारों पर प्राचीन संस्कृति और वेदों की ऋचाएं सजीव दस्तावजे बन गई है. इनके पास से गुजरने वाले श्रद्धालु आसानी से अपनी संस्कृति के बारे में जान सकेंगे. खासकर युवा पीढ़ी पर इसका अनुकूल प्रभाव पड़ेगा.
-सुनील बत्रा, प्राचार्य, एसएमजेएन कॉलेज-

कुंभ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं. ऐसे में शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ उसकी धार्मिक पहचान को भी प्रमुखता देने पर जोर है. कुंभ मेला प्रशासन को सुझाव दिया था कि कनखल क्षेत्र में भी पुराने भवनों की साज सजावट की जाए. यहां रंग रोगन के साथ ही मंदिरों के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है.
-सुनील दत्त पांडे, स्थानीय निवासी, कनखल-

क्या बोल अधिकारी: अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि कुंभ मेले को लेकर हरिद्वार को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है. शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देते हुए सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है.

कनखल की पुरानी इमारतों को एकरूप रंगों से सजाने के साथ प्रमुख मार्गों और फ्लाईओवर पर धार्मिक चित्रकारी के माध्यम से सनातन संस्कृति को प्रदर्शित किया जा रहा है. एचआरडीए और एनएचएआई समेत कई विभागों को सौंदर्यीकरण के कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है. नवंबर के अंत तक इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
-दयानंद सरस्वती, अपर कुंभ मेलाधिकारी-
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