Categories

July 9, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

शहीद बलवंत सिंह खेतवाल को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ा जनसैलाब, हर आंख हुई नम

1 min read

शहीद बलवंत सिंह खेतवाल को हल्द्वानी नैनीताल में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस दौरान क्षेत्रवासियों की आंखें नम हो गई.

हल्द्वानी (उत्तराखंड): मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंच गया है. जैसे ही शहीद बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा लोगों की आंखें नम हो गई. शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर पत्नी बेसुध हो गई. शहीद को क्षेत्रवासियों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी. शहीद की अंतिम विदाई में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. शहीद का रानीबाग चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार किया गया.

गौर हो कि बलवंत सिंह खेतवाल का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ आज सुबह उनके आवास लाया गया. जहां पर परिजनों और जन प्रतिनिधियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई. उनकी अंतिम यात्रा चित्रशिला घाट को रवाना हुई, जहां पर सैन्य समान के साथ उनका दाह संस्कार किया गया. बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए दस साल पहले हल्द्वानी बसने वाले बलवंत तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचे. बागेश्वर जिले के तुपेड (वन डूंगरा) गांव व हाल निवासी नैनिताल के मोतीनगर निवासी बलवंत सिंह खेतवाल सोमवार को उग्रवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे. वहीं सभी औपचारिकता पूरी होने के बाद उनका पार्थिव शरीर मोतीनगर निवास में पहुंचना था लेकिन देर शाम तक उनका पार्थिव शरीर नहीं पहुंच पाया है.

जानकारी के मुताबिक सोमवार को मणिपुर के उखरुल जिले में 40 असम राइफल्स के काफिले पर उग्रवादियों ने घात लगाकर उनपर हमला बोल दिया था. बताया जा रहा है कि पहले आईईडी विस्फोट हुआ और फिर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की. इस हमले में वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह खेतवाल और हवलदार चंद्रमोहन सिंह ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. बलवंत सिंह खेतवाल वर्ष 1991 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे. शहादत की खबर के बाद घर और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. मोतीनगर आवास में परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है. स्थानीय लोग परिवार को ढाढ़स बंधा रहे हैं.

परिवार समेत लोगों को शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार है. जानकारी के मुताबिक बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने करीब दस साल पहले हल्द्वानी में अपना घर बनाया था. बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, छोटी बेटी देहरादून में बीकॉम की पढ़ाई कर रही है और बेटा हाईस्कूल का छात्र है. जानकारी के मुताबिक शहीद का अंतिम संस्कार आज सुबह चित्रशिला घाट रानीबाग में किया जाएगा.

Spread the love

You may have missed