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October 26, 2026

घराट

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इराक के मरीज के सीने में भोपाल के विकास का दिल, ग्रीन कॉरिडोर से चेन्नई पहुंचा धड़कता दिल

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ग्रीन कॉरिडोर से चेन्नई पहुंचा दिल, इराक के मरीज में सफल ट्रांसप्लांट, भोपाल के विकास चौधरी से 4 लोगों को जीवनदान. विश्वास चतुर्वेदी की रिपोर्ट.

भोपाल : राजधानी के 53 वर्षीय व्यवसायी विकास चौधरी के निधन के बाद उनके परिवार ने अंगदान का बेहद साहसिक और मानवीय निर्णय लिया. दरअसल, ब्रेन हेमरेज के इलाज के दौरान एम्स भोपाल में डाक्टरों द्वारा उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया था. इसके बाद परिजनों की सहमति से उनके दिल, लिवर और दोनों किडनियों को जरूरतमंद मरीजों को दान कर दिया गया. इस सराहनीय कदम से न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि देश और विदेश के चार गंभीर मरीजों को नया जीवन मिला है.

इराक के मरीज के सीने में धड़का विकास का दिल

बता दें कि विकास चौधरी का दिल विशेष विमान से चेन्नई के एमजीएम अस्पताल भेजा गया. नोटो (NOTTO) की राष्ट्रीय अंग आवंटन नीति के तहत, मुंबई में कोई उपयुक्त मरीज न मिलने पर चेन्नई संपर्क किया गया. वहां, वेटिंग लिस्ट में पहले स्थान पर मौजूद इराक के एक नागरिक को यह दिल अलॉट हुआ, जिसके बाद डाक्टरों की टीम ने इराक के मरीज में दिल का सफल प्रत्यारोपण किया.

ग्रीन कॉरिडोर से इंदौर और भोपाल में बचे जीवन

अंगों को सुरक्षित और त्वरित समय में पहुंचाने के लिए भोपाल पुलिस और प्रशासन के सहयोग से ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया. विकास का दिल एम्स भोपाल से राजा भोज एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर चेन्नई भेजा गया.​जबकि लिवर भोपाल से इंदौर के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सीएचएल अस्पताल पहुंचाया गया. वहीं, ​दोनों किडनियां भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित की गईं.

दुख के क्षणों में परिजनों ने पेश की की मिसाल

बागसेवनिया निवासी विकास को 4 सितंबर को ब्रेन हेमरेज के बाद एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया था. 8 सितंबर को डाक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इस कठिन समय में उनके भाई राजेश, बहन वीणा, बेटे मासूम और भतीजे प्रतीक ने अंगदान पर अपनी सहमति दी. वहीं, भतीजे प्रतीक ने कहा, ” चाचा के अंगों से किसी का जीवन बचा सके, इसी सोच के साथ यह निर्णय लिया गया.”

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