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August 18, 2026

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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में अनिल बलूनी और तीरथ सिंह रावत को फिर अहम जिम्मेदारी मिली है.

देहरादून (उत्तराखंड): बीते दिन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है. जिसमें उत्तराखंड के नेताओं को भी खास जिम्मेदारी मिली है. केंद्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड से आने वाले गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी पर लगातार तीसरी बार भरोसा जताते हुए उन्हें राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी है. साथ ही पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है. वहीं, उत्तराखंड के मौजूदा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम नई केंद्रीय कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया गया है. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में उनके उत्तराखंड प्रभारी पद से भी हटने की चर्चाएं तेज हो गई हैं.

तीसरी बार बलूनी पर भरोसा: भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अनिल बलूनी को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दिया जाना उत्तराखंड के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के लंबे अनुभव के साथ अनिल बलूनी पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के मीडिया तंत्र की कमान संभाल चुके हैं. लगातार तीसरी बार उसी जिम्मेदारी पर भरोसा जताए जाने को पार्टी नेतृत्व के उनके काम और संगठनात्मक क्षमता पर भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है.

अनिल बलूनी की रहेगी ये अहम भूमिका: राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी की भूमिका मौजूदा दौर में पहले की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. पार्टी की नीतियों, सरकार की उपलब्धियों, संगठन के अभियानों और वरिष्ठ नेताओं के राजनीतिक संदेश को मीडिया के माध्यम से देशभर तक पहुंचाने में राष्ट्रीय मीडिया टीम की अहम भूमिका रहती है. पारंपरिक मीडिया के साथ-साथ डिजिटल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच पार्टी के आधिकारिक पक्ष को प्रभावी तरीके से सामने रखना भी इस जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

नई टीम के साथ समन्वय स्थापित होगा अहम: अनिल बलूनी के सामने अब राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के संदेश को और प्रभावी बनाने की चुनौती होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उपलब्धियों, भाजपा की नीतियों और संगठन के अभियानों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाने के साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के साथ समन्वय स्थापित करना भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा रहेगा.

दुष्यंत गौतम का नाम गायब, उत्तराखंड से भी विदाई के संकेत: केंद्रीय टीम में एक और नाम के न होने की चर्चा उत्तराखंड भाजपा में सबसे ज्यादा है. लंबे समय से उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे दुष्यंत गौतम का नाम नई केंद्रीय टीम में शामिल नहीं किया गया है. यही वजह है कि अब उनके उत्तराखंड प्रभारी पद से भी हटने की अटकलें तेज हो गई हैं. दरअसल, भाजपा में आम तौर पर केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों का प्रभारी नियुक्त किया जाता रहा है.

अटकलों का बाजार गर्म: ऐसे में केंद्रीय टीम से गौतम का नाम बाहर होने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब उत्तराखंड में भी नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति होगी. हालांकि पार्टी की ओर से अभी इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संगठन के भीतर इसे संभावित बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. दुष्यंत गौतम का उत्तराखंड प्रभारी के तौर पर कार्यकाल कई राजनीतिक और संवेदनशील मुद्दों के बीच रहा है. अंकिता भंडारी प्रकरण के दौरान भी प्रदेश भाजपा प्रभारी के तौर पर उनके बयानों और भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा हुई थी. ऐसे में केंद्रीय टीम में उनका नाम नहीं होना उत्तराखंड भाजपा के संगठनात्मक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

अजेय कुमार के बाद एक और बदलाव की चर्चा: उत्तराखंड भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर बदलाव की चर्चाएं पहले से ही चल रही हैं. प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार को उत्तराखंड से हटाए जाने के बाद अब दुष्यंत गौतम के नाम को लेकर भी अटकलें तेज हैं. ऐसे में अगर गौतम को भी प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाता है तो यह उत्तराखंड भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में एक और बड़ा बदलाव होगा. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पार्टी उत्तराखंड के लिए नया प्रभारी किसे नियुक्त करती है और मौजूदा संगठनात्मक व्यवस्था में आगे क्या बदलाव किए जाते हैं. भाजपा की केंद्रीय टीम में उत्तराखंड की सह प्रभारी रही रेखा वर्मा का नाम जरूर बरकरार है. ऐसे में नई नियुक्ति के बाद उत्तराखंड में केंद्रीय नेतृत्व की नई टीम किस तरह काम करेगी, इस पर भी नजर रहेगी.

तीरथ सिंह रावत का बढ़ा कद: केंद्रीय नेतृत्व की नई सूची में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता तीरथ सिंह रावत का कद जरूर बढ़ा है. भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है. उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे तीरथ सिंह रावत को संगठन में उनकी सादगी और पार्टी के प्रति लंबे समर्पण के लिए जाना जाता है. मुख्यमंत्री के तौर पर भी उनका कार्यकाल उत्तराखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण रहा. अब केंद्रीय टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका राज्य की राजनीति से आगे राष्ट्रीय संगठन के स्तर पर भी महत्वपूर्ण होगी.

इन नेताओं को भी मिली जगह: उत्तराखंड से अनिल बलूनी को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी और तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना प्रदेश के नेताओं के केंद्रीय संगठन में बढ़ते प्रभाव के तौर पर भी देखा जा रहा है. बता दें कि बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में उत्तराखंड के चार नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है. कई टीम में पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत, लोकसभा सांसद अनिल बलूनी, महेंद्र पांडेय और आलोक भट्ट का नाम शामिल हैं.

कुल मिलाकर भाजपा की नई केंद्रीय टीम में उत्तराखंड के लिहाज से तीन बड़े संकेत सामने आए हैं. अनिल बलूनी पर लगातार तीसरी बार भरोसा जताकर पार्टी ने उनका राष्ट्रीय संगठन में प्रभाव बरकरार रखा है. तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर उनका राजनीतिक कद बढ़ाया गया है.

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