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August 14, 2026

घराट

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हरिद्वार के हरिहर बांके बिहारी मंदिर की लाखों की धनराशि गबन करने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

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याचिकाकर्ता का आरोप नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी 16 नवंबर 2019 से अस्तित्व में नहीं, इसके बावजूद सोसायटी के नाम पर धनराशि एकत्र की जा रही

हरिद्वार: ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र स्थित नया हरिद्वार कॉलोनी के हरिहर बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन और नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी के नाम पर एकत्र की जा रही धनराशि को लेकर, चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

हरिहर बांके बिहारी मंदिर की दान राशि में गबन का आरोप: शिकायतकर्ता सुधाकर सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह पिछले 50 वर्षों से नया हरिद्वार कॉलोनी के निवासी हैं. काॅलोनी के निवासियों द्वारा 17 नवंबर 2014 से 16 नवंबर 2019 तक पांच वर्षों के लिए नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी के नाम से एक संस्था पंजीकृत कराई गई थी. आरोप लगाया गया है कि 16 नवंबर 2019 के पश्चात उक्त सोसायटी का न तो कभी कोई चुनाव हुआ और न ही उसका नवीनीकरण हुआ. आरोप है कि 16 नवंबर 2019 के बाद नया हरिद्वार के कुछ पूंजीपति, उद्योगपति और राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों ने आपस में कुछ अन्य लोगों के साथ साज कर बिना किसी कानूनी प्रक्रिया को मानते हुए खुद को उक्त सोसायटी का स्वयं ही पदाधिकारी नियुक्त कर लिया. नया हरिद्वार में स्थित हरिहर बांके बिहारी मंदिर का स्वयं प्रबंधन करने लगे, जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं था.

शिकायतकर्ता ने बताई पूरी कहानी: शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने पिछले दो तीन वर्षों से मंदिर पर जाना शुरू किया. इस दौरान उन्हें पता चला कि एक शख्स ने खुद को अध्यक्ष, दूसरे ने खुद को महामंत्री, तीसरे ने खुद को उपाध्यक्ष और चौथे ने खुद को कोषाध्यक्ष के पद पर अन्य कुछ लोगों से साठगांठ कर खुद ही नियुक्त कर लिया है. बताया गया है कि शिकायतकर्ता समय समय पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार मंदिर में दान करने लगे.

हिसाब-किताब मांगने पर नहीं मिला जवाब: दान के अलावा पिछले एक वर्ष से 500 रुपये प्रतिमाह मंदिर के रखरखाव और मंदिर में होने वाले विभिन्न आयोजनों के लिए नया हरिद्वार के अध्यक्ष और महामंत्री को देने लगे. 18 नवंबर 2025 को उन्होंने अध्यक्ष और महामंत्री से उक्त नया हरिद्वार सोसायटी के पंजीकरण और मंदिर से प्राप्त धनराशि के बारे में पूछना चाहा तो दोनों उन पर गुस्सा करने लगे. उन्होंने कहा कि यह सब जानने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है. इसके बाद शिकायतकर्ता को उनकी इस बात पर संदेह हुआ और उन्होंने स्वयं ही जानने का प्रयास किया.

मंदिर की दानराशि से लाखों के गबन का आरोप: आरोप है कि शिकायतकर्ता के अलावा लगभग 150 लोगों द्वारा मंदिर और ईश्वर का हवाला देकर 500 रुपये प्रतिमाह लिए जा रहे थे. इसकी धनराशि लगभग 75 से 80 हजार रुपये प्रतिमाह बताई गई है. इसके अलावा मंदिर की दान पेटियों से लगभग 25 हजार रुपये प्रतिमाह प्राप्त होने का भी आरोप लगाया गया है. इस तरह करीब एक लाख रुपये प्रतिमाह भोली भाली जनता और भक्तों को गुमराह कर कभी ईश्वर के नाम पर तो कभी भक्ति के नाम पर एकत्र करने का आरोप लगाया गया है.

2019 से निष्क्रिय था खाता: बताया कि जब उन्होंने और गहराई से जांच की तो पाया कि नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी 16 नवंबर 2019 से अस्तित्व में ही नहीं है. इसके बावजूद सोसायटी के नाम पर धनराशि एकत्र की जा रही थी. बीती 7 अप्रैल को शिकायतकर्ता द्वारा लिखित में हिसाब किताब की जानकारी मांगने के बाद भी उन्हें कोई हिसाब किताब की जानकारी नहीं दी गई. इसके बाद उन्होंने हर माह करीब एक लाख रुपये प्राप्त करने और उसे जमा करने के संबंध में जानकारी की तो पता चला कि नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी के तत्कालीन पदाधिकारी की ओर से नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी के नाम से आंध्रा बैंक में एक खाता खोला गया था. खाते का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उक्त खाता वर्ष 2019 के बाद से निष्क्रिय है.

पुलिस ने नहीं सुनी तो न्यायालय की शरण में गए: शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद उन्हें पता चला कि हर महीने मंदिर और ईश्वर के नाम पर जो लाखों रुपये लिए जाते हैं, उन्हें महामंत्री के सहयोग से महाराष्ट्र बैंक हरिद्वार में खाता खोलकर जमा कराया. आरोप लगाया गया है कि उक्त खाते में लगभग 16 लाख रुपये अपने नाम से आपस में षड्यंत्र और साठगांठ कर जमा कर गबन कर लिया गया. इसके अलावा मनमाने ढंग से लाखों रुपये खर्च कर लिए गए. मंदिर से धन लेने का इन्हें और नया हरिद्वार वेलफेयर सोसायटी को कोई कानूनी अधिकार नहीं था. इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. मजबूरन उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी.

कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज: ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि-

कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है. जांच के उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
-कुंदन सिंह राणा, कोतवाली प्रभारी, ज्वालापुर-

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