मानसून के दौरान हेली सेवाओं का शटल संचालन होगा ठप, निगम की बसों में भी कटौती की संभावना।
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उत्तराखंड में हर साल मानसून सीजन के दौरान चारधाय यात्रा की रफ्तार कम पड़ जाती है. वहीं हेली संचालन भी बंद हो जाता है.
देहरादून: उत्तराखंड राज्य में 20 जून के आसपास मानसून के दस्तक देने की संभावना है. ऐसे में मानसून सीजन के दौरान ना सिर्फ चारधाम की रफ्तार धीमी हो जाती है, बल्कि नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की ओर से हेली सेवाओं और परिवहन विभाग की ओर से बसों की संख्या में भी कटौती कर दी जाती है. ऐसे में, मानसून सीजन को देखते हुए इस साल नागरिक उड्डयन विभाग हेली सेवाओं को लेकर भी निर्णय ले लिया है. परिवहन विभाग श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर बसों की संख्या को बढ़ाने या घटने पर निर्णय लेगा.
मानसून को लेकर तैयारियां तेज: उत्तराखंड चारधाम की यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई. ऐसे में 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन से ही हेली सेवाओं का संचालन भी शुरू हो गया था. जिसके लिए हेली टिकटों की बुकिंग 22 अप्रैल से 15 जून तक के लिए की गई थी. जबकि उत्तराखंड में 21 जून के आसपास मानसून के दस्तक की संभावना है. जिसको देखते नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने 16 जून से करीब अगले एक हफ्ते के लिए हेली सेवाओं के टिकटों की बुकिंग प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है.
मानसून में हेली सेवा बंद: हालांकि, मानसून सीजन के दौरान हेली सेवाओं का संचालन बंद हो जाएगा. मानसून सीजन की दस्तक के बाद जुलाई महीने से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी सीमित हो जाती है. ऐसे में परिवहन विभाग ने निर्णय लिया है कि श्रद्धालुओं की संख्या घटने के बाद, जिन रूटों से हटाकर बसों को यात्रा रूट पर लगाई गई थी. उन बसों को वापस पुराने रूट पर वाहन संचालन के लिए भेज दिया जाएगा. कुल मिलाकर, परिवहन विभाग श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर बसों की संख्या को बढ़ाने या घटने पर निर्णय लेगा. वर्तमान समय ने ऋषिकेश से रोजाना 30 बसों और हरिद्वार से 8 बसों का संचालन किया जा रहा है.
मानसून सीजन के दौरान हेली सेवाएं बंद रहती हैं. लेकिन एक हेलिकॉप्टर को इमरजेंसी के लिए केदारनाथ वैली में रखा जाता है. ऐसे में 15 जून के बाद की हेली टिकटों के बुकिंग की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है. फिलहाल, 15 जून से आगामी मानसूनी बारिश शुरू होने से पहले तक के लिए किया जाएगा. इसके लिए मौसम की स्थितियों पर नजर रखा जा रहा है. ऐसे में संभावना है कि केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं की बुकिंग 16 जून से करीब 21 जून तक के लिए खुलने की संभावना है.
-आशीष चौहान, सीईओ, नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण-
बसों का संचालन पर विचार: परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में चारधाम की यात्रा नियमित रूप से चल रही है. जिसके तहत, ऋषिकेश और हरिद्वार से चारधाम यात्रा के लिए निगम की बसों का संचालन किया जा रहा है. ऐसे में मानसून सीजन के दौरान यात्रियों की डिमांड के आधार कर बसों की संख्या को बढ़ाया या फिर घटाया जाएगा. बसों की अधिक डिमांड होने पर रिजर्व में रखी गई बसों को भी यात्रा रूट पर तैनात कर दिया जाता है, लेकिन अगर बसों की डिमांड घटती है तो बसों को अन्य रूटों पर भेजा दिया जाता है.
मानसून सीजन के दौरान, अगर यात्री कहीं फंसते हैं तो उनको निकलने के लिए अगर जिला प्रशासन और आरटीओ को बस की जरूरत होती है तो उनको भी बस उपलब्ध कराया जाता है. हालांकि, ये जरूर है कि मानसून की दस्तक के बाद यात्रियों की संख्या घट जाती है, जिससे बसों की डिमांड भी घट जाती है. ऐसे में डिमांड और सप्लाई के फार्मूले पर निगम काम करता है. इसके साथ ही, मानूसन सीजन के दौरान यात्रा के लिए बसों की डिमांड कम होने पर, जिन रूटों से बसों को हटाकर यात्रा में लगाया जाता है, उनको वापिस उन्हीं रूटों पर भेज दिया जाता है.
-रीना जोशी, एमडी, परिवहन निगम-
आपदा प्रबंधन सचिव ने क्या कहा: मानसून की तैयारियों के सवाल पर आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग मुख्य रूप से समन्वय बनाने का ही काम करता है और आपदा के दौरान तमाम अन्य विभाग काम करते हैं. ऐसे में विभागों के साथ समन्वय का काम बेहतर ढंग से कर पा रहे है क्योंकि लगातार, मॉकड्रिल, बैठकें की जा रही है. इसके साथ ही सीएम, मंत्री और सीएस स्तर से भी जरुरी दिशा निर्देश भी जारी होते रहते है. ऐसे में किसी भी विभाग को कोई समस्या होती है तो वो तत्काल आपदा प्रबंधन विभाग को सूचित करता है, जिसका समाधान तत्काल किया जाता है.
