April 20, 2026

घराट

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वैश्विक तेल आपूर्ति पर फिर खतरे की आहट: युद्ध के बीच होर्मुज को लेकर ईरान का नया खुलासा, बताया आखिर कब खुलेगा?

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पश्चिम एशिया में तनाव फिर भड़क उठा है, जब ईरान ने युद्धविराम के बाद खोले गए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद करने का एलान किया। एसएनएससी ने कहा कि स्थायी शांति तक नियंत्रण जारी रहेगा। वहीं सैन्य कमान ने अमेरिका की नाकेबंदी को कारण बताते हुए सख्ती बढ़ाई, जिससे वैश्विक तेल और व्यापार आपूर्ति पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

पश्चिम एशिया एक बार फिर विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां पहले से कमजोर पड़ा तनाव अब फिर भड़क उठा है। युद्धविराम के बाद जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की घोषणा हुई थी, तो वैश्विक बाजार और ऊर्जा आपूर्ति ने राहत की सांस ली थी। लेकिन अब ईरान ने अचानक पलटवार करते हुए इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को फिर बंद करने का एलान कर दिया है, जिससे पूरी दुनिया में चिंता और हड़कंप मच गया है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) ने साफ कहा है कि जब तक क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं होती, तब तक वह इस जलमार्ग पर कड़ा नियंत्रण और सख्त निगरानी जारी रखेगा।

संघर्ष के बीच ईरान के इस फैसले ने वैश्विक तेल और व्यापारिक आपूर्ति पर बड़ा खतरा खड़ा कर दिया है और हालात तेजी से नियंत्रण से बाहर जाते दिख रहे हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह बयान उस समय आया जब ईरान की मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय’ ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से सख्त नियंत्रण शुरू किया जा रहा है।

जहाजों की आवाजाही कैसे नियंत्रण करेगा ईरान?
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एसएनएससी ने बताया कि वह इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से उनकी जानकारी मांगेगा, उन्हें आने-जाने की अनुमति देगा, सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के लिए शुल्क लेगा और अपने नियमों तथा युद्धकालीन व्यवस्था के अनुसार जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करेगा। परिषद ने कहा कि जब तक दुश्मन इस जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में बाधा डालने की कोशिश करता रहेगा और नौसैनिक नाकाबंदी जैसे तरीकों का सहारा लेता रहेगा, जिसे (वर्तमान दो-सप्ताह के) संघर्ष-विराम का उल्लंघन माना जाएगा, तब तक देश होर्मुज जलडमरूमध्य को सशर्त और सीमित रूप से फिर से खोलने की अनुमति नहीं देगा।

एसएनएससी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों तक जाने वाला काफी सामान इसी जलडमरूमध्य के जरिए पहुंचता है, जो ईरान और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। इसके अलावा, ईरान ने बताया कि उसे अमेरिका की ओर से नए प्रस्ताव मिले हैं, जो पाकिस्तान के माध्यम से उसके सेना प्रमुख आसिम मुनीर की हालिया यात्रा के दौरान पहुंचाए गए थे और ईरान इन पर विचार कर रहा है। ईरान के वार्ताकारों ने साफ किया है कि वे किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे और देश के हितों की पूरी ताकत से रक्षा करेंगे।

ईरान की योजना नई नहीं, समझिए कैसे?
गौरतलब है कि ईरान ने 28 फरवरी से इस जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की थी, जब इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे। इसके बाद हाल ही में अमेरिका ने ईरान आने-जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नाकेबंदी भी लगा दी, क्योंकि इस्लामाबाद में शांति वार्ता असफल हो गई थी। हालांकि शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा था कि 8 अप्रैल से शुरू हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहेगा। लेकिन शनिवार को ईरान की सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने फिर से घोषणा की कि अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहने के कारण जलडमरूमध्य पर सख्त नियंत्रण दोबारा लागू किया जा रहा है।

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