March 15, 2026

घराट

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दिल्ली से आते ही राहत बचाव कार्यों की समीक्षा में जुटे CM धामी, कहा-स्यानाचट्टी से पानी की निकासी जल्द की जाए

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से लौटने के बाद थराली में आई आपदा में आपदा एवं राहत बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावितों के पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी से पानी की निकासी जल्द से जल्द करने के भी निर्देश दिए। शनिवार को मुख्यमंत्री ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि थराली में जो लोग बेघर हुए हैं, तात्कालिक रूप से उनके लिए बेहतर व्यवस्था की जाए तथा इसके साथ ही पुनर्वास का काम भी तेजी से आरंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत एवं आवश्यक सामग्री तत्परता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क नेटवर्क सहित सभी मूलभूत जरूरतों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। प्रभावितों को बांटी जाने वाली राहत सामग्री में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने थराली आपदा के दौरान जिलाधिकारी चमोली के तत्काल मौके पर पहुंचने, प्रभावितों को तत्परता से राहत पहुंचाने एवं बेहतरीन प्रबंधन के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में भी इसी प्रकार प्रभावी समन्वय के साथ तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने राज्य में अगले दो दिन आरेंज अलर्ट के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारियों को तैयारी पूरी रखने व आपदा प्रबंधन सामग्री उपकरण आदि संवेदनशील स्थानों पर रखने के निर्देश दिए।

नदियों में ड्रेजिंग व चैनलाइजेशन का कार्य करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य की ऐसी सभी नदियों की ड्रेजिंग व चैनलाइजेशन का कार्य करने के निर्देश दिए, जिनके किनारे बस्तियां, कस्बे, नगर बसे हैं। उन्हेांने कहा कि जहां-जहां भी नदियों का जल स्तर ड्रेजिंग न होने के कारण प्रभावित हुआ है, वहां आपदा के मानकों के अनुसार ड्रेजिंग का कार्य किया जाए।इस संबंध में सभी जिलों को जल्द से जल्द से रिपोर्ट भेजने को भी कहा।

विज्ञानियों की उच्च स्तरीय टीम करेगी अध्ययन
धराली, थराली व स्यानाचट्टी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें समानता है। ऐसे में यह पता लगाना जरूरी है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मोरेन कितनी मात्रा में जमा हो रहा है। इसके लिए वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, आइआइआरएस, आइआइटी, एनआरएससी जैसे संस्थानों के विज्ञानियों की टीम बनाकर अध्ययन कराने निर्देश भी उन्होंने दिए। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से भी आग्रह करेंगे कि सभी हिमालयी राज्यों में इस तरह का अध्ययन कराया जाए, ताकि इसके कारणों का पता चल सके।

25 अगस्त तक शासन को भेजें रिपोर्ट
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने थराली, धराली समेत राज्य के अन्य स्थानों पर आपदा से हुई क्षति का आकलन कर 25 अगस्त तक हर हाल में रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली सहित सभी संबंधित अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी चमोली तथा उत्तरकाशी उपस्थित रहे।

 

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