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June 15, 2026

घराट

खबर पहाड़ से-

कल के सतत विकास के लिए आज लैंगिक समानता’’ जरूरी – मंत्री गणेश जोशी

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देहरादून : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा महानगर देहरादून द्वारा नगर निगम टाउन हाल में आयोजित कार्यक्रम में सरकार में काबीना मंत्री गणेश जोशी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। प्रदेश में भिन्न- भिन्न क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान देने वाले मातृशक्ति को मुझे सम्मानित करने का सौभाग्य मिला। विमला गौड़ जी द्वारा किया गया सुक्ष्म नाटक नें मुझे झकझोर के रख दिया था,मैं समस्त मातृशक्ति को प्रणाम करता हूँ।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कल के सतत विकास के लिए आज लैंगिक समानता’’ जरूरी है। हर स्तर पर महिलाओं को बराबरी के अधिकार एवं अवसरों की व्यवस्था बनाने के लिए तकरीबन 100 साल पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के संघर्षों को याद रखने के लिए, महिलाओं की उपलब्धियों को याद करने तथा लैंगिक समानता स्थापित करने के लिए पूरी दुनिया में हर साल 08 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के तौर पर मनाया जाता है। हमारा और हमारी पार्टी का मानना है कि सिर्फ एक दिन महिलाओं के अधिकारों की बात करने से ही समाज में महिलाओं को वह अपेक्षित स्थान नहीं दिलाया जा सकता। इसलिए हम महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की लगातार पैरवी करते हैं परंतु एक पूरे दिन के तौर पर महिलाओं के दिन को याद करना भी जरूरी है। क्यांेकि ये खास दिन हमें हमारे वजूद का और सामाजिक अधिकारों का और अपने आस-पास की दुनिया को बेहतर बनाने की हमारी जिम्मेदारी का अहसास कराते हैं।
इस साल के महिला दिवस की थीम ‘‘कल के सतत विकास के लिए आज लैंगिक समानता’’ रखी गयी है। हम सभी यह जानते हैं कि आज अगर हम बच्चियों, लडकियों तथा महिलाओं को लैंगिक समानता नहीं देंगे तो हम भविष्य के सतत और टिकाउ विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते। जब भी समानता की बात होती है तो हम समानता के अधिकारों को समाज में ढूंढ़ने निकलते हैं। जबकि समानता के मूल्य और संस्कृति हमारे परिवारोें के अंदर से ही पल्लवित होते हैं। मैंने महसूस किया है कि महिलाओं के सामाजिक अधिकारों की तो हम बात करते हैं पर अपने घर में अपनी बच्चियों को अपने पुत्र की तुलना में दोयम दर्जे के इंसान के तौर पर देखते हैं। हम अपने बेटों, लड़कों को अपने घरों में ही एक शासक के तौर पर और आदेश देने वाले के तौर पर बड़ा करते हैं। उनके दिमागों को यह सांस्कृतिक खुराक देते हैं कि उनकी बहन उनके आदेशों का पालन करने, घर के काम करने के लिए है। छोटे पन से ही हमारे घरों के लड़के इस शासक, आदेश देने वाले, काम न करने वाले और महिलाओं को खुद से कम मानने वाली मानसिकता के तहत बड़े होते हैं। फिर जब वह वयस्क नागरिक के तौर पर समाज में आते हैं तो वह महिलाओं के प्रति वही दोयम नजरिया ले कर व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि परिणाम स्वरूप आधिकांश मामलों में महिलाओं के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार और अपराधों के पीछे यही कारण होते हैं।
उन्होंने कहा कि आज महिला दिवस के अवसर पर हमें संकल्प करना चाहिए कि हम आपने घरों से ही लैंगिक समानता के मूल्यों और महिलाओं के कामों के प्रति सम्मान का नजरिया विकसित करेंगे। ताकि हमारे घरों से निकलने वाली हर महिला और पुरूष को अपने समाज का बेहतर भविष्य के निमार्ण में सक्रिय योगदान सुनिश्चित कर सकें।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, महापौर सुनील उनियाल, महामंत्री अनु कक्कड, उपाध्यक्ष कंचन ठाकुर, उपाध्यक्ष अनुराधा वालिया, बबीता सहोत्रा, नंदिनी शर्मा, महामंत्री सुमन सिंह, मुकेश राठौर, नैना राणा अंशिता शर्मा, गीता पुरोहित, शोभा रावत, अनीता मल्होत्रा, तारेश्वरी भंडारी, अर्चना थपलियाल, सर्वेश्वरी थपलियाल, मनजीत गुजराल, प्रियंका गुसाईं आदि कई लोग उपस्थित रहे।

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