घराट

खबर पहाड़ से-

“जैविक खेती पर्यावरण संरक्षण” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन, इस अवसर पर विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने महाविद्यालय की वेबसाइट का किया उद्घाटन।

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टिहरी/नैनबाग : राजकीय महाविद्यालय नैनबाग एवं यू-सर्क (उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र) के संयुक्त तत्वावधान में नैनबाग डिग्री काॅलेज में “जैविक खेती पर्यावरण संरक्षण” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा एवं मुख्य वक्ता “उत्तराखंड जैविक उत्पाद बोर्ड” के टेक्निकल मैनजर अमित श्रीवास्तव ने अपने महत्वपूर्ण विचार रखे।
उद्घाटन सत्र में विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने महाविद्यालय की वेबसाइट का भी उद्घाटन किया। उन्होंने जैविक खेती को मानव हित में बताते हुए कहा कि यदि इस प्रकार की कार्यशाला प्रदेश के समस्त महाविद्यालय द्वारा कराई जाए तो हम पहाड़ों में जैविक खेती को पूरे तरीके से लागू कर सकते हैं। उन्होंने महाविद्यालय में सेमिनार हॉल की साज-सज्जा के लिए दो लाख रुपए देने की घोषणा की।
पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि प्रत्येक परिवार को अपना एक ऐसा किचन गार्डन जो पूरी तरह से जैविक पर आधारित हो तैयार करना चाहिए। यह बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने ड्रिप सिंचाई के तरीके भी बताए।
प्रथम तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता उत्तराखंड जैविक उत्पाद परिषद देहरादून से अमित श्रीवास्तव ने कहा कि हमें अपना एक पारिवारिक किसान मित्र भी रखना चाहिए तथा उत्पाद उसी से खरीदना चाहिए इससे उपभोक्ता और उत्पादक दोनों को लाभ होगा। ग्राम प्रधान घनसी जगमोहन सिंह कंडारी ने जैविक खेती के संबंध में अपने अनुभव को किसानों के साथ साझा किया। प्रथम सत्र की अध्यक्षता उद्यान पंडित कुंदन सिंह पंवार ने की। महाविद्यालय की प्राचार्य सुमिता श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है तथा आने वाले दिनों में इस तरह के और भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। प्राचार्य ने महाविद्यालय को आर्थिक सहायता देने के लिए विधायक प्रीतम सिंह को धन्यवाद दिया। द्वितीय तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता उद्यान पंडित श्री कुंदन सिंह पंवार ने पावर पॉइंट द्वारा जैविक खेती की विधि को किसानों से साझा किया। उन्होंने जैविक खेती को वर्तमान की जरूरत बताया। साथ ही जैविक खेती के बाजार के बारे में भी किसानों को अवगत कराया।
कार्यशाला के दूसरे दिन नैनबाग तहसील के तहसीलदार साक्षी उपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रुप में कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में एसबीआई शाखा प्रबंधक रुचि मेहता पीएनबी बैंक शाखा प्रबंधक कैलाश एवं सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक दीवान सिंह उपस्थित रहे। शाखा प्रबंधकों ने जैविक खेती हेतु ऋण के प्रावधानों के विषय में जानकारी दी। साथ ही छात्रों के आगे की शिक्षा के लिए भी ऋण के प्रावधानों की जानकारी दी। प्रशिक्षक के रूप में दूसरे दिन जैविक उत्पाद परिषद देहरादून के प्रशिक्षक बलबीर सिंह सजवान ने किसानों एवं छात्र-छात्राओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से जैविक खाद व वर्मी कंपोस्ट एवं जैविक कीटनाशक तैयार करने के तरीके सिखाए।
कार्यक्रम की आयोजक सचिव डॉ. मधुबाला जुवाँठा ने मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि, विषय विशेषज्ञों, महाविद्यालय की प्राचार्य, समस्त सहयोगी प्राध्यापकों, कर्मचारियों,नारायणी उद्यान, उत्तराखण्ड जैविक उत्पाद बोर्ड व कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले किसानों, छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। डा.जुवाँठा ने यू-सर्क की निदेशक प्रोफेसर अनीता रावत का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिनेश चंद्र द्वारा किया गया। कार्यशाला में डॉ. ब्रीश कुमार, परमानंद चौहान, संदीप कुमार, चतर सिंह तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी रेशमा बिष्ट, विनोद चौहान, सुशील चंद, दिनेश सिंह, भुवन चंद, अनिल सिंह नेगी, रोशन सिंह, रीना, मोहन लाल उपस्थित रहे। कार्यशाला में स्थानीय किसान जग मोहन सिंह कंडारी, बलवीर सिंह सजवान, सुपा सिंह, सुंदर लाल अग्रवाल, बचन सिंह रावत, अर्जुन सिंह, जयवीर सिंह पंवार, रणवीर सिंह रावत आदि छात्रों में अंकुश, अर्जुन सिंह कैंतूरा, गोविंद,  सुमन चौहान, तनुजा नौटियाल, मनजीत सिंह, निकिता आदि ने प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया।

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