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डेंगू के सोर्स रिडक्शन के लिये एक व्यापक अभियान-लार्वा को हटायें, डेंगू से मुक्ति पायें’’, चलाना सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी।

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हरिद्वार : जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण के सम्बन्ध में एक बैठक आयोजित हुई।
जिलाधिकारी को बैठक में जिला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी गुरूनाम सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से डेंगू रोग क्या है, उसके लक्षण, डेंगू हेतु अनुकूल कारण, डेंगू रोग का फैलाव, मच्छर का जीवन चक्र, प्रजनन स्थल आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में जिलाधिकारी को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनीष दत्त ने बताया कि डेंगू मादा मच्छर के काटने से ही फैलता है, यह दिन के समय ही काटता है, डेंगू साफ पानी में ही पनपता है, डेंगू रोग फैलने की सबसे ज्यादा सम्भावनायें सितम्बर से लेकर अक्टूबर मध्य तक रहती है तथा सितम्बर में यह चरम पर रहता है। उन्होंने बताया कि जनपद में बहादराबाद के रोहालकी, नगर निगम हरिद्वार, लक्सर आदि में डेंगू के मरीज सामने आये हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू के सोर्स रिडक्शन के लिये एक व्यापक अभियान-लार्वा को हटायें, डेंगू से मुक्ति पायें’’, चलाना सुनिश्चित करें। इसके लिये पूरे जनपद हेतु दो दिन के भीतर एक रोस्टर तैयार कर लिया जाये तथा उस रोस्टर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये, जिससे लोगों को यह जानकारी मिल सके कि किस दिन किस-किस क्षेत्र में यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि लार्वा को पनपने में एक सप्ताह का समय लगता है इसलिये रोस्टर इस हिसाब से बनाया जाये कि जिस स्थान पर पहले सोर्स रिडक्शन किया गया है, वहां पर पुनः एक सप्ताह के भीतर सोर्स रिडक्शन किया जाये। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को भी निर्देश दिये कि वे कक्षा-9 से लेकर 12 तक के बच्चों का इस व्यापक अभियान में पूरा सहयोग लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसमें किसी भी तरह की कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि डेंगू को रोका जा सकता है, बशर्ते हम छोटी-छाटी बातें-अपने घर के आसपास पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें, घर में फूल का गमला, एवं गमला रखने वाली ट्रे में पानी न ठहरने दें, ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढक सके, कूलर का पानी नियमित रूप से बदलते रहें, पानी की टंकी एवं खुले बर्तनों को अच्छी तरह से ढककर रखें, बेकार बर्तन, खुली बोतलें, टूटा हुआ प्लास्टिक, पुराने टायर घर में एकत्रित न करें, ध्यान में रखें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) पी0एल0 शाह, एमएनए दयानन्द सरस्वती, एसडीएम अजय वीर सिंह, एसडीएम भगवानपुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुलेखा सहगल, नगर निकायों आदि के अधिशासी अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े हुये डॉक्टर सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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