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DM रीना जोशी ने जनपद के कूड़ा निस्तारण कार्यों की समीक्षा की।

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पिथौरागढ़ : जिलाधिकारी रीना जोशी ने जनपद के नगर निकायों, जिला पंचायत के अधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों के साथ जनपद के कूड़ा निस्तारण कार्यों की समीक्षा कलेक्ट्रेट स्थित जिलधिकारी कार्यालय कक्ष में की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने पूर्व में दिये गये निर्दशो के क्रम मे जिला पंचायत एवं विकास खंड कार्यालयों के लिए नगर निकायों के डंपिंग जोन में कूड़ा डाले जाने का शुल्क निर्धारित न होने पर कड़ी नाराज की प्रकट की। उन्होंने निर्देश दिये कि नगर निकायों, जिला पंचायत एवं विकासखंड कार्यालयों के अधिकारी तत्काल ही बैठक आयोजित कर प्रति कुंतल की दर से कूड़े का शुल्क निर्धारित करें तथा जिला पंचायत एवं खंड विकास कार्यालयों द्वारा जिस नगर निकाय के डंपिंग जोन में कूड़ा डाला जा रहा है उस नगर निकाय को निर्धारित शुल्क अदा किया जाय ताकि संबंधित नगर निकाय द्वारा उस शुल्क का उपयोग अपने डंपिंग जोन में एकत्रित कूड़े के उचित निस्तारण हेतु किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत एवं विकासखंड कार्यालय द्वारा जिस समयावधि से नगर निकायों के डंपिंग जोन में कूड़ा डालना शुरू किया गया है उस अवधि से ही शुल्क का आंकलन कर संबंधित नगर निकाय को शुल्क अदा किया जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में स्वच्छता तभी बनी रह सकती है जब जनपद का कूड़ा निस्तारण कार्य जनपद के नगर निकाय, जिला पंचायत एवं विकास खण्ड कार्यालयों के अधिकारियों द्वारा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए किया जायेगा । इसलिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कूड़ा एकत्रीकरण व निस्तारण की समन्वित कार्य योजना का यह परिणाम देखने को मिल रहा है कि जनपद के नगर, कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों द्वारा कूड़ा नालियों व सड़कों में न फेंककर उनके क्षेत्रों में स्थापित कूड़ेदानों में ही डाला जा रहा है। सभी संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वे भी अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों के कूड़ेदानों में एकत्रित कूड़े को नियमित रूप से उठाते हुए निर्धारित डंपिंग जोन में डालना सुनिश्चित करें तथा संबंधित नगर निकाय के अधिकारी संबंधित डंपिंग जोन से भी कूड़े का निस्तारण नियमित रूप से जनपद से बाहर करना सुनिश्चित करें।
बता दें कि जिलाधिकारी रीना जोशी ने जनपद के नगर, कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों से कूड़ा एकत्रीकरण व निस्तारण हेतु एक समन्वित कार्य योजना बनाई थी। जिसके तहत जनपद की नगर निकायों से कूड़ा एकत्रीकरण कार्य संबंधित नगर निकायों, जनपद के कस्बा क्षेत्र से कूड़ा एकत्रीकरण कार्य जिला पंचायत एवं जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों से कूड़ा एकत्रीकरण कार्य विकासखंड कार्यालयों को सौंपा गया था। नगर निकायों ने अपने एकत्रित कूड़े को अपने डंपिंग जोन में डालना था जबकि जिला पंचायत एवं विकास खंड कार्यालयों द्वारा कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों के एकत्रित कूड़े को नजदीकी नगर निकाय के डंपिंग जोन में डालना था। जिसका जनपद से बाहर उचित निस्तारण संबंधित नगर निकाय द्वारा किया जाना था। संबंधित नगर निकायों द्वारा अपने डंपिंग जोन में जमा कूड़े का निस्तारण उचित एवं नियमित रूप से किया जा सके इस हेतु जिला पंचायत एवं विकास खंड कार्यालय को संबंधित नगर निकाय को शुल्क अदा करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिये थे।
जनपद में कूड़ा एकत्रीकरण व निस्तारण कार्य जिलाधिकारी द्वारा स्थापित समन्वित कार्य योजना के अनुसार ही हो रहा है। जिसे जिलाधिकारी ने और बेहतर ढंग से किये जाने के निर्देश दिये। साथ ही जिला पंचायत एवं विकासखंड कार्यालयों के अधिकारियों को नगर निकायों के डंपिंग जोन में कूड़ा डाले जाने का शुल्क संबंधित नगर निकायों को अदा करने के निर्देश बैठक में दिये।
यह भी बता दे कि पूर्व में जनपद के कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों के कूड़े को जनपद के बाहर निस्तारित किये जाने की व्यवस्था नहीं थी। जिलाधिकारी ने नगर निकायों से समन्वय स्थापित करवाते हुए जनपद के कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्र का कूड़ा नगर निकायों के डंपिंग जोन में डाले जाने की व्यवस्था स्थापित की ताकि नगर निकायों के द्वारा नगर निकाय सहित जनपद के कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्रों के कूड़े का निस्तारण जनपद के बाहर किया जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी डॉ शिव कुमार बरनवाल, उप जिलाधिकारी अनिल शुक्ला, एएमए जिला पंचायत अनिल जोशी, नगर निकायों के अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित थे।

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